47...श्रीमद्भागवत कथा के लिए राधा कृष्ण की वेशभूषा में तैयार बच्चे। स्रोत : आयोजक
रोहतक। रुक्मिणी भगवान कृष्ण की पत्नी व रानी थी। दुष्ट शिशुपाल से बचाने के लिए द्वारका के राजकुमार कृष्ण ने उनके अनुरोध पर उनका हरण किया। यह कहना है कथाव्यास सतीश दीक्षित का। वह शनिवार को प्राचीन शीतला माता मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में रुक्मिणी विवाह संवाद का वर्णन कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि रुक्मिणी-कृष्ण विवाह प्रेम व समर्पण की पराकाष्ठा है। इसमें रुक्मिणी एक संदेशवाहक के माध्यम से गुप्त संदेश कृष्ण को भेजती हैं। इसमें स्पष्ट किया कि वह मन-वचन-कर्म से केवल कृष्ण को ही अपना पति मान चुकी हैं। शिशुपाल से विवाह के विरुद्ध हैं।
इसके बाद कृष्ण उनका हरण कर द्वारका लाते हैं। यह संवाद रुक्मिणी के अनन्य प्रेम, रुक्मि (उनके भाई) का विरोध व कृष्ण का उन्हें अपना प्रेम समर्पित करने का दिव्य प्रसंग है। कृष्ण रुक्मिणी को प्रेम व सम्मान देते हैं। उन्हें अपनी प्रधान रानी के रूप में स्वीकार करते हैं। इस मौके पर अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।