जींद। नागरिक अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल प्रशासन लगातार काम कर रहा है। अस्पताल के निर्माण के समय से लेकर आज तक इमरजेंसी के गेट के सामने प्रांगण में ही गंभीर मरीजों को एंबुलेंस से उतारा जा रहा था। जहां से स्ट्रेचर पर मरीजों को इमरजेंसी तक ले जाया जा रहा था।
अब नागरिक अस्पताल प्रशासन ने लंबे अर्से बाद इसकी इसकी संभाल की है। अब इमरजेंसी के मुख्य द्वार पर शेड लगाकार इसकी लंबाई भी बढ़ाई, ताकि बरसात और धूप से एंबुलेंस में आने वाले मरीजों को बचाया जा सके।
इसके अलावा यहां पर कार व बाइक को खड़ी करने से रोकने के लिए गेट से लगभग 30 फीट से ज्यादा दूरी तक जाल भी लगाया है। अब यहां से आसानी से एंबुलेंस मरीजों को उतारकर वापस जा सकेगी।
अब से पहले अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते इमरजेंसी के इस मुख्य गेट पर स्ट्रेचर तो इसके साथ ही अस्पताल कर्मियों की बाइक और स्कूटी और इससे आगे मरीजों की गाड़ी खड़ी रहती थी।
यहां से एंबुलेंस का निकलना तो दूर की बात खड़े करने की भी जगह नहीं बचती थी। इसके चलते कई बार गंभीर मरीजों को लाने और ले जाने में काफी समय बर्बाद हो जाता था। इससे मरीज के हालात बिगड़ने का डर रहता था।
अब अस्पताल प्रशासन ने इसको दुरुस्त कर दिया है। इसके अतिरिक्त स्ट्रेचर रखने के लिए भी स्थान को निर्धारित किया है ताकि एंबुलेंस के रास्ते में यह बाधा नहीं बन सके। नागरिक अस्पताल का यह सुधार डीजी हेल्थ के एक दौरे के कारण हुआ है।
इसके अलावा भी अस्पताल में कई सुधार कराए गए हैं। डीजी हेल्थ ने इमरजेंसी के मुख्य द्वार पर एंबुलेंस का रास्ता नहीं होने के कारण कड़ी फटकार लगाई थी। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने तुरंत इन कमियों को दूर करने के लिए काम शुरू कर दिया था।
-
नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में चल रही इमरजेंसी में मरीजों को एंबुलेंस से सीधा गेट तक लाने के लिए व्यवस्था बनाई है। इससे पहले यहां पर स्ट्रेचर, बाइक व स्कूटी खड़ी रहती थी। इनके कारण एंबुलेंस को शेड के नीचे नहीं बल्कि सामने खुले में खड़ा किया जाता था। अब मरीजों की सुविधा के लिए एंबुलेंस सीधे शेड के नीचे खड़ा करने की व्यवस्था कर दी गई।
-डॉ. सुमन कोहली, सिविल सर्जन नागरिक अस्पताल जींद।