माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। जिला उपभोक्ता आयोग ने कहा है कि बीमा कंपनी यह कहकर क्लेम की अर्जी खारिज नहीं कर सकती कि मिनी ट्रक (छोटा हाथी) मालिक गाड़ी में बदलाव कर सब्जियां बेच रहा था। इस कारण मिनी ट्रक आग लगने से नष्ट हो गया।
आयोग में कंपनी सबूत देकर यह साबित नहीं कर सकी। उसे अब 9 प्रतिशत ब्याज सहित 3.50 लाख रुपये देने होंगे। साथ में पांच हजार रुपये सेवाओं में कमी व पांच हजार रुपये कानून खर्च के तौर पर दें। 41 हजार रुपये गाड़ी का फाइनेंस करने वाले बैंक को दे।
आयोग के रिकाॅर्ड के मुताबिक, 2019 में सत्यवान ने आयोग को बताया कि उसने टाटा कंपनी का मिनी ट्रक टाटा-एस खरीदा था। एचडीएफएसी बैंक से फाइनेंस कराया। साथ ही चोलामंडलम, एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी से बीमा कराया था। अचानक उसकी गाड़ी पलट गई और आग लगने से नष्ट हो गई थी।
उसने नजदीक की पुलिस चौकी पीपी सासरौली में डीडी दर्ज कराई थी। बीमा कंपनी को भी सूचित किया। कंपनी ने क्लेम देने से इन्कार कर दिया था।
आयोग ने कहा कि इंश्योरेंस कंपनी ने रिकॉर्ड में कोई फोटो, एक्सपर्ट रिपोर्ट, टेक्निकल या मैकेनिकल सबूत नहीं दिया है। ऐसे में साबित है कि गलत तरीके से क्लेम खारिज किया गया है।