माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किलोई दोपाना गांव के किसान जयभगवान (65) को कंपनी साढ़े 72 हजार रुपये नौ प्रतिशत ब्याज सहित दे। पूरा मुआवजा न देने पर किसान को पांच हजार रुपये हर्जाने व पांच हजार कानूनी खर्च के तौर पर भी दिए जाएं। जिला उपभोक्ता आयोग ने किसान की याचिका पर यह फैसला दिया है।
आयोग के रिकाॅर्ड के मुताबिक, किसान जयभगवान ने अप्रैल 2021 में याचिका दायर की थी। उन्होंने 2019 में करीब 6.25 एकड़ में गेहूं की फसल की बिजाई की थी और सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक किलोई के माध्यम से बीमा के लिए राशि जमा कराई थी।
27 फरवरी से एक मार्च 2020 के बीच हुई भारी बारिश व ओलावृष्टि से शत-प्रतिशत फसल नष्ट हो गई थी। उन्होंने कृषि विभाग को शिकायत की। विभाग ने 80 प्रतिशत नुकसान मानकर सर्वे रिपोर्ट दी। बीमा कंपनी बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की तरफ से उसके खाते में मात्र 47,077 रुपये जमा कराए गए जबकि बीमा राशि इससे ज्यादा बनती थी। शेष राशि जारी नहीं की गई।
आयोग का नोटिस मिलने पर बीमा कंपनी ने कहा कि शिकायत गलत है जिसे खारिज किया जाए। कंपनी के सर्वेयर ने जो रिपोर्ट दी, उसके आधार पर 47,077 की राशि का भुगतान कर दिया गया था। आयोग ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद निर्णय देते हुए कहा है कि पॉलिसी के तहत बीमा राशि 63 रुपये रुपये प्रति हेक्टेयर है।
सर्वे रिपोर्ट के अनुसार 2.6 हेक्टेयर में 75 प्रतिशत का नुकसान हुआ, इसलिए बीमा कंपनी 1.59 लाख रुपये मुआवजा दे। बीमा कंपनी 47,077 रुपये दे चुकी है। बाकी 72466 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज सहित दिए जाएं। एक माह में राशि देने के लिए समय सीमा दी गई है।