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अभिभावक बोले: घने दिन हो गए धक्के खाते, इब थारे पर भरोसा नहीं

Thu, 28 Apr 2016 02:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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स्कूल बैग लेकर पहुंचे विद्यार्थी, कमिश्नर कार्यालय के बाहर लगाई क्लास - फोटो : अमर उजाला
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- स्कूल बैग लेकर पहुंचे विद्यार्थी, कमिश्नर कार्यालय के बाहर लगाई क्लास 
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- बच्चों ने कहा, कमिश्नर अंकल हमारी फीस कम करा दीजिए
- डीईओ ने अभिभावकों को समझाकर 4 मई को बुलाई बैठक
- एसडीएम ने दिलाया भरोसा, बच्चों के भविष्य के साथ नहीं होने देंगे खिलवाड़
- 30 मिनट बाद आए प्रशासनिक अधिकारी, 20 मिनट की वार्ता और मांगा समय
- स्कूल प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ अभिभावकों का विरोध 21वें दिन भी जारी
- आज से स्कूल जाएंगे बच्चे
एमडीएन स्कूल प्रबंधन की मनमानी और अधिकारियों के टालमटोल रवैये से आजिज अभिभावक बुधवार को बिफर गए। अल्टीमेटम के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई तो वे अपने बच्चों को लेकर कमिश्नर चंद्र प्रकाश के कार्यालय पर पहुुंच गए। यहां खुद ही बच्चों की क्लास  लेने लगे। प्रदर्शन के दौरान बच्चों ने भी कमिश्नर अंकल से फीस कम करवाने की अपील की। अभिभावकों के इस कदम से प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए।

अभी प्रदर्शन को करीब 30 मिनट ही हुए थे कि एसडीएम मुनीष नागपाल और नायब तहसीलदार बैंसीलाल पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे। एसडीएन ने डीईओ सुनीता रूहिल की मौजूदगी में अभिभावकों और बच्चों की समस्याएं सुनीं। लगभग 20 मिनट की वार्ता के बाद नव नियुक्त डीईओ ने अभिभावकों से एक सप्ताह का समय मांगा। उन्होंने कहा कि आज ज्वाइनिंग का पहला दिन है, इस पूरे मामले को समझने के लिए थोड़ा वक्त चाहिए। 4 मई को अभिभावक मंच के प्रतिनिधिमंडल और स्कूल प्रबंधन की बैठक बुलाकर पूरे मामले का निपटारा कर दिया जाएगा। इस पर एक अभिभावक ने कहा कि घने दिन हो गए धक्के खाते, इब थारे पर भरोसा नहीं है। इसलिए अभी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करें। फिर, एसडीएम ने अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि बच्चों के साथ खिलवाड़ होने नहीं दिया जाएगा, इसलिए डीईओ मैडम को एक सप्ताह का समय दे दीजिए। वे स्कूल प्रबंधन से बात करेंगी, बृहस्पतिवार से बच्चों को भी स्कूल भेजिए।
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 मानसरोवर पार्क में बुधवार सुबह 11 बजे एमडीएन अभिभावक मंच के नेेतृत्व में काफी संख्या में अभिभावक और कई छात्र संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचे। इसके बाद 11:25 बजे पार्क से कमिश्नर कार्यालय तक रोष जुलूस निकाला। इसमें जिला प्रशासन, स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। सुबह लगभग 11:40 बजे कमिश्नर कार्यालय में अभिभावक अपने बच्चों को लेकर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए मंच के नेता विनोद ने कहा कि 11 अप्रैल को कार्यालय में फरियाद लेकर आए थे, लेकिन कोरा आश्वासन ही मिला। फीस एंड रेगुलेटरी कमेटी के चेयरमैन और कमिश्नर की ओर स्कूल प्रबंधन को कोई नोटिस तक जारी नहीं किया गया।

जिन बच्चों को आज स्कूल में होना चाहिए था, वे मजबूरन यहां क्लास लगाने को मजबूर हैं। पिछले 21 दिनों से अभिभावक प्रशासनिक और शिक्षा अधिकारियों से रो-रो कर कह रहे हैं कि फीस कम करा दीजिए, लेकिन उनकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। स्कूल प्रबंधन की दबंगई इतनी है कि 1000 रुपये लेट फीस का जुर्माना वसूलने की बात कह रहे हैं। उनके बच्चों से कहते हैं कि दाखिला फीस लेकर ही स्कूल में प्रवेश करना, नहीं तो घर पर ही बैठो। दोपहर 12:07 बजे, एसडीएम और डीईओ आईं और अभिभावकों की समस्याएं सुनी। प्रशासनिक अधिकारियों की अभिभावकों और मंच के नेताओं के साथ 20 मिनट तक बातचीत हुई और सप्ताह भर का समय मांगा गया। इस अवसर पर नरेश, सुनील, यशवंत, अनिल, ओमप्रकाश, राजेंद्र, पूनम, अंजू, बबीता, कमलेश, सुनीता, सुभाष, विरेंद्र, अंजू, संदीप, सुमित मौजूद रहे।
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पहले दिन ही सिक्सर मार दो मैडम
डीईओ सुनीता ने जब सप्ताह भर का समय मांगा तो अभिभावकाें ने साफ इन्कार कर दिया। इस पर डीईओ ने कहा कि उनका पहला दिन है और इस मामले को समझने में वक्त लगेगा। इस पर एक अभिभावक ने कहा कि मैडम, पहले दिन ही सिक्सर मार दो। इस पर डीईओ ने कहा कि बच्चों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए वे खुद स्कूल प्रबंधन से बात करेंगी कि जब तक मामले का समाधान नहीं हो जाता है, अभिभावकों को लेट फीस पर जुर्माना लगाने का मैसेज न भेजें।
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