माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। तीन दिन के दौरे पर रोहतक पहुंचे राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष कहीं महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) के कुलपति व कुलसचिव का शीतयुद्ध सुुलझाने तो नहीं आए? इनके लेटर वार के कारण 400 फाइलें अटकी हैं। इनमें पदोन्नति जैसी फाइलें अटकने से कर्मचारी खफा हैं।
राज्यपाल अपनी पत्नी के साथ एमडीयू के ही फैकल्टी हाउस में ठहरे हैं। राज्यपाल के रूप में प्रो. घोष का संभवतः यह पहला तीन दिनी दौरा है। इस दौरे से शिक्षक, कर्मचारी व छात्र संगठन चकित हैं। संगठनों के प्रतिनिधियों के मुताबिक, उन्हें राज्यपाल के आने की सूचना नहीं दी गई है।
कयास हैं कि कुलाधिपति के नाते कहीं वह कुलपति प्रो. राजबीर सिंह और कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत गुप्ता के बीच छिड़े घमासान को शांत कराने तो नहीं आए। इनके शीतयुद्ध के कारण 400 से अधिक फाइलें डंप हैं। कुलसचिव से खफा कुलपति ने पिछले दिनों उनके ओएसडी की छुट्टी कर दी थी।
कुलसचिव इसे अधिकारों में कटौती के रूप में देख रहे हैं। चर्चाओं के मुताबिक, कुलपति के खिलाफ भी लामबंदी तेज है। कुलपति आवास से गमलों का व्यवसाय होने के प्रकरण की राज्यपाल से जांच की मांग तो छात्र नेता, कर्मचारी नेता और शिक्षक संघ भी उठा चुके हैं।
यही नहीं, कर्मचारी और शिक्षक संघ ने पिछले माह कुलपति और कुलसचिव, दोनों के खिलाफ प्रेसवार्ता करके राज्यपाल से जांच कराने की मांग की थी। यह नेता डंप फाइलों पर भी जांच की मांग उठा चुके हैं। इनका कहना है कि कर्मचारियों की पदोन्नति जैसी अहम फाइलें रोकी गई हैं।
इससे विवि स्टाफ में रोष है। आरोप है कि कुछ चहेतों की पदोन्नति कम समय में करा दी गई, जबकि योग्य लोग अरसे से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं। इसकी भी शिकायत राज्यपाल को भेजी गई थी। उम्मीद है कि राज्यपाल के एमडीयू में दो दिन रहने से यह मामले निपटा लिए जाएंगे।
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राज्यपाल के आने की सूचना मिली न मिलने का समयः शिक्षक संघ
एमडीयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. विकास सिवाच का कहना है कि राज्यपाल के एमडीयू कैंपस में आने और रहने का पता लगा है। हालांकि, इसकी हमें कोई सूचना नहीं दी गई है। न ही उनसे मिलने का ही समय मिला है। वह कैंपस में होंगे तो अधिकारियों के जरिये शिष्टाचार भेंट का समय लेकर मुलाकात करेंगे।