रोहतक। प्रदेश सरकार के मार्च में प्रस्तुत होने वाले बजट को लेकर जनता को बड़ी उम्मीदें हैं। व्यापारी व उद्यमियों को बजट से राहत की उम्मीद है। इसमें टैक्स व महंगाई कम रखने के साथ ही व्यापार नियमों को सरल बनाने की मांग मुख्य है। इससे व्यापार में वृद्धि होगी व समाज का प्रत्येक वर्ग लाभान्वित होगा।
उद्यमियों की बिजली दरों में बढ़ोतरी न करने व जीएसटी स्लैब कम करने की उम्मीद है। इंडस्ट्री के लिए खरीदी जाने वाली मशीनों व सामान पर आयात शुल्क कम करने व विदेश भेजे जान वाले माल पर सब्सिडी की राहत दी जाए। लोन पर ब्याज कम करने की भी मांग है।
जीएसटी में सुधार के साथ सब्सिडी दिए जाने की आवश्यकता जताई है। लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए सरकारी लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल बनाने की भी अपील की गई है।
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व्यापारियों की उम्मीदें
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व्यापारियों के लिए सरकार की ओर से पूर्व में की गईं घोषणाओं को लागू किया जाए। व्यापारी कल्याण बोर्ड का चेयरमैन नियुक्त किया जाए। व्यापारियों के लिए बीमा, सड़क दुर्घटना, क्षतिपूर्ति योजना को धरातल पर लागू किया जाए।
- गुलशन निझावन, प्रधान, पालिका बाजार
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महंगाई कम रहनी चाहिए जिससे व्यापारी व गरीबों को दिक्कतें न आए। आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी कम किया जाना चाहिए। बाजारों का सुंदरीकरण किया जाना चाहिए।
- जगदीश धींगड़ा, प्रधान, किला रोड बाजार
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व्यापार को आसान बनाया जाना चाहिए। कपास पर मार्केट फीस सरकार लेती है तो बिनौले पर नहीं होनी चाहिए। सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए ताकि व्यापारी व आम लोगों को राहत मिल सके।
- संदीप कुमार, उप प्रधान, पुरानी अनाज मंडी
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उद्यमियों के सुझाव
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इंडस्ट्री में बिजली की दरों में बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए। 5, 18 व 28 जीएसटी स्लैब को कम किया जाए या एक ही स्लैब बनाया जाए। इंडस्ट्री के लिए खरीदी जाने वाली मशीनों व सामान पर इंपोर्ट ड्यूटी कम की जाए। दूसरे देशों को भेजे जाने वाले माल पर सब्सिडी व राहत दी जाए। लोन पर ब्याज कम किया जाए। उद्योगों में काम करने वाले मजदूरों के लिए योजना बनाई जाए।
- जोगिंद्र नांदल, प्रधान, आईएमटी उद्योग वेलफेयर एसोसिएशन
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जीएसटी में सुधार की आवश्यकता है। छोटे उद्यमियों पर जीएसटी का असर पड़ता है। पहले छोटे उद्यमियों के लिए 12 प्रतिशत जीएसटी लगता था लेकिन स्लैब बदलने के बाद नुकसान हो रहा है। नए उद्योग बिना किसी रुकावट के शुरू हों, इसके लिए सब्सिडी दी जाए। अभी सब्सिडी या योजनाओं में खामियां हैं। नए बजट में इन पर सुधार की अपेक्षा करते हैं।
- नरेंद्र पहलवान, उद्यमी
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लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए सरकारी लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल होनी चाहिए। इनमें प्रदूषण एनओसी, श्रम प्रमाण पत्र, अग्नि सुरक्षा एनओसी, कारखाना व लाइसेंस। लघु एवं मध्यम उद्यम योजना प्रदान की जाए। उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जाए। मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने और उद्योगों के विकास के लिए कम लागत पर औद्योगिक जमीन उपलब्ध कराई जाए।
- प्रदीप ढुल अग्निमित्रा, उद्यमी
36...गुलशन निझावन, प्रधान, पालिका बाजार ।
36...गुलशन निझावन, प्रधान, पालिका बाजार ।
36...गुलशन निझावन, प्रधान, पालिका बाजार ।
36...गुलशन निझावन, प्रधान, पालिका बाजार ।
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