संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। स्टेट पेंशनर्स समाज के राज्य चेयरमैन मेहर सिंह नैन कहा कि सरकार पेंशनर्स की जायज और आवश्यक मांगों पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही है जबकि ये मांगें नहीं बल्कि पेंशनर्स का हक हैं। सभी बीमारियों के इलाज के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा शीघ्र लागू की जाए व मान्यता प्राप्त सभी निजी अस्पतालों में समय पर इलाज के लिए निर्देश दिए जाएं।
मानसरोवर पार्क स्थित सीनियर सिटिजन क्लब में शुक्रवार को हरियाणा स्टेट पेंशनर्स समाज ने जिलास्तरीय मासिक बैठक की। मंच संचालन शमशेर सिवाच ने किया। बैठक की अध्यक्षता जिला चेयरमैन देबी सिंह देसवाल ने की।
बैठक में राज्य कार्यकारिणी की ओर से राज्य चेयरमैन मेहर सिंह नैन, राज्य प्रधान वीरेंद्र शर्मा, राज्य महासचिव रोशनी देवी हुड्डा व राज्य वित्त सचिव तुही राम शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में ईश्वर सिंह सैनी, आनंद स्वरूप, सूरजमल शर्मा, सतीश शर्मा, राजबीर हेडमास्टर, सूबे सिंह, राजेन्द्र शर्मा, राजेंद्र हुडा, दलजीत मालिक आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। देबी सिंह देसवाल ने कहा कि यदि सरकार ने पेंशनर्स की मांगें नहीं मानीं तो संगठन संघर्ष से पीछे नहीं हटेगा।
इन मांगों पर की चर्चा
राज्य प्रधान वीरेंद्र शर्मा ने कहा कि यदि सरकार ने मांगों को नहीं माना तो पेंशनर्स समाज मजबूर होकर सरकार के विरुद्ध बड़ा आंदोलन करने पर बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स की मांगों में मेडिकल भत्ता 1000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये किया जाए। कम्यूटेशन अवधि 15 वर्ष से घटाकर 11 वर्ष की जाए। कोरोना काल के 18 महीनों का महंगाई भत्ता उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार 6 प्रतिशत ब्याज सहित प्रदान किया जाए। राज्य महासचिव रोशनी हुड्डा ने कहा कि पारिवारिक पेंशनर्स को भी एलटीसी सुविधा दी जाए।