रोहतक। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने बुधवार को दिल्ली डिपो में गेट मीटिंग कर सरकार से निजी इलेक्ट्रिक बसें ठेके पर चलाने के निर्णय को रद्द करने की मांग की। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार प्राइवेट बसों को बंद कर बेड़े में 10 हजार सरकारी नई बसें शामिल करे। सरकार खुद इलेक्ट्रिक बसें खरीदकर बेड़े में शामिल करे।
दिल्ली डिपो में पहुंचकर पदाधिकारियों ने महाप्रबंधक से मिलकर कर्मचारियों का केस फाइल करवाया गया। राज्य कार्यालय सचिव सतबीर मुंढाल ने बताया कि दिल्ली डिपो के चालक-परिचालक को ज्यादा सवारी बिठाने पर जो कारण बताओ नोटिस किया गया था, उसके बारे में महाप्रबंधक से बातचीत कर केस फाइल करवाया गया।
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राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद व राज्य महासचिव सुमेर सिवाच ने सरकार से मांग की है कि सरकार मानी हुईं मांगों को लागू करे। हरियाणा सरकार स्वतंत्र आठवें वेतन आयोग का गठन करे। परिचालकों व लिपिकों का वेतनमान अपग्रेड करके 35,400 किया जाए। चालक मैकेनिक स्टोर की पर कैशियर सहित सभी सभी श्रेणियों की वेतन विसंगति दूर की जाए।
हैवी चालक का वेतनमान 53 हजार किया जाए व परिचालक से उपनिरीक्षक व निरीक्षक की पदोन्नति होने पर अन्य श्रेणियों की भांति वेतन वृद्धि दी जाए। पुरानी पेंशन बहाल की जाए। सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए व कर्मशाला कर्मचारियों के कम किए गए राजपत्रित अवकाश पहले की तरह लागू किए जाए। गेट मीटिंग की अध्यक्षता डिपो प्रधान नरेश खोखर व समुंदर सिंह कुमार ने की। संचालन डिपो सचिव संजय सांगवान ने किया।