रोहतक। जन स्वास्थ्य विभाग ने कॉलोनियों में जलापूर्ति घटाकर निजी टैंकर माफिया की कमाई की धार मोटी कर दी है। खेल यह है कि निजी टैंकर जलघर-1 के ट्यूबवेल से मुफ्त पानी लेकर लोगों को 400 से 1600 रुपये तक में बेच रहे हैं। आखिर इस माफिया को किसका प्रश्रय है?
मानसरोवर पार्क स्थित सोनीपत रोड में जलघर-1 के तालाबों में पानी घटने का हवाला देकर जन स्वास्थ्य विभाग ने कॉलोनियों की जलापूर्ति में कटौती कर दी है। विभाग के मुताबिक, कॉलोनियों के लोग पोर्टल पर आवेदन करते हैं तो ट्यूबवेल का पानी टैंकरों से वहां पहुंचाया जाता है।
दावे के मुताबिक रोजाना 40 टैंकर पानी पहुंचाया जा रहा है। सोमवार को पड़ताल में हकीकत कुछ और ही मिली। जलघर-1 का जो ट्यूबवेल सरकारी टैंकरों को भरने के लिए है, वहां निजी टैंकरों को भरा जा रहा है। टैंकर चालकों से पूछा गया कि किस कॉलोनी में जाएंगे? जवाब मिला- ये टैंकर निजी हैं।
टैंकर चालकों ने बताया कि दूरी के हिसाब से प्रति टैंकर 400 से 1600 रुपये देना पड़ेगा। इशारे से बताया कि विभाग के टैंकर साइड में खड़े हैं। कॉलोनी के लोग बताते हैं कि पोर्टल पर आग्रह करने पर भी तीन-तीन दिन टैंकर नहीं आ रहे। फोन पर मंगाएं तो 1000 रुपये मांगे जाते हैं।
रैनकपुरा कॉलोनी निवासी राजेश गुलिया कहते हैं, सप्लाई का पानी घटा दिया है। टैंकर समय से पहुंचते नहीं हैं। निजी टैंकर मंगाते हैं तो उसके लिए पैसे चुकाने पड़ते हैं। आखिर सरकारी ट्यूबवेल से पानी लेकर माफिया किसके इशारे पर इतनी लूट मचाए हुए हैं?
जन स्वास्थ्य ने तीन एजेंसियों को टेंडर दिया है। रोजाना 40 टैंकर से मुफ्त पानी पहुंचाया जा रहा है। जलघर-1 से कोई निजी टैंकर पानी नहीं लेता। अगर कोई टैंकर चालक यहां से मुफ्त पानी लेकर लोगों से पैसे वसूलता है तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- संदीप कुमार, कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग
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