सुभाष चौक पर मनीषा हत्या के मामले में विरोध प्रदर्शन करते संगठनों के पदाधिकारी। स्रोत : संगठन
रोहतक। भिवानी की शिक्षिका मनीषा को इंसाफ दिलाने के लिए वीरवार को भी कई संगठनों ने रोष प्रदर्शन किया। विपक्षी संगठनों ने सरकार पर लीपापोती का आरोप लगाया। कहा, हत्या को आत्महत्या बताकर सरकार और पुलिस-प्रशासन केस को रफा-दफा करने पर तुले हैं।
ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (एआईडीएसओ), ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन (एआईकेकेएमएस) और सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) से जुड़े लोग नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर जुटे। सभी ने घटना पर शोक जताया।
एआईडीएसओ के प्रदेश सचिव उमेश मौर्य ने कहा कि पुलिस की जांच, मेडिकल रिपोर्ट और वास्तविक स्थिति में अंतर है। इससे हत्या का शक गहराता है। हरियाणा सरकार व पुलिस-प्रशासन उठ रहे सवालों का जवाब देने के बजाय आत्महत्या बताकर केस को खत्म करना चाहती है।
मौर्य ने कहा कि भिवानी के सिविल हॉस्पिटल और पीजीआई रोहतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के तथ्य अलग-अलग हैं। एसयूसीआई के जिला सचिव अनूप सिंह ने कहा कि बीते वर्षों में सीबीआई जांच के कटु अनुभव उसकी विश्वसनीयता पर प्रश्न चिह्न लगाते हैं।
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