फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आधे घंटे तक सरकार को कोसा, फिर बिना ज्ञापन दिए लौटे कांग्रेसी

Sun, 04 Sep 2016 02:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
विज्ञापन
कांग्रेस का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
शहर में बनने वाले एलिवेटेड रोड के खिलाफ व्यापारियों के समर्थन में कांग्रेस ने शनिवार को प्रदर्शन किया। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और व्यापारियों ने शहर में रोष जुलूस निकाला। जुलूस भिवानी स्टैंड से शुरू होकर लघु सचिवालय तक गया। यहां प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर, विधायक दल की नेता किरण चौधरी और पूर्व गृहमंत्री सुभाष बत्तरा ने प्रदेश सरकार को खूब कोसा।
विज्ञापन


लघु सचिवालय के बाहर आधे घंटे तक तीनों नेता भाजपा सरकार की कमियां गिनवाते रहे। इसके बाद भी जब डीसी ज्ञापन लेने नहीं आए तो वे बिना ज्ञापन दिए ही लौट गए। इस दौरान तीनों नेताओं ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के घर पर चल रही सीबीआई जांच को एक राजनीतिक द्वेष में उठाया गया कदम करार दिया। हालांकि, इस प्रदर्शन से व्यापारियों संगठनों के प्रमुख नेता दूर रहे। 

भिवानी स्टैंड पर शनिवार सुबह 11:30 बजे से ही काफी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और व्यापारी जमा होने लगे। करीब एक  घंटे बाद दोपहर 12:30 बजे कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष तंवर और विधायक किरण चौधरी भिवानी स्टैंड पर पहुंचीं। इसके बाद दोपहर एक बजे तंवर, चौधरी और सुभाष बत्तरा की अगुवाई में रोष जुलूस शुरू हुआ, जो शांतमई चौक, छोटूराम चौक, अंबेडकर चौक, सोनीपत स्टैंड से होते हुए लघु सचिवालय पर पहुंचा।
विज्ञापन


यहां पहले से ही गेट पर खड़े पुलिस कर्मियों और तहसीलदार गुलाब सिंह ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अंदर जाने नहीं दिया। इसके बाद तीनों कांग्रेस नेताओं ने एक के बाद एक खट्टर सरकार पर भड़ास निकाली। इस दौरान तंवर ने कहा कि शहर में पहले से ही बाईपास बने हुए हैं, इसलिए शहर के बीचोंबीच एलिवेटेड रोड की जरूरत नहीं है। यह रोड तकनीकी रूप से भी ठीक नहीं है। पूर्व गृहमंत्री सुभाष बत्तरा ने कहा कि डॉ. अंबेडकर चौक से लेकर पुराना बस स्टैंड तक करीब 300 करोड़ रुपये की लागत में बनने वाला एलिवेटेड रोड जनता और व्यापारियों के हित में नहीं है।

विधायक किरण चौधरी ने कहा कि जो पैसा सरकार एलिवेटेड रोड को बनाने पर खर्च करना चाहती है, वह किसानों को मुआवजा देने में लगाए। जब सरकार की तानाशाही बढ़ जाती है तो सरकार बनाने वाली जनता उसका सिर कुचलना भी जानती है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें