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Rohtak News: टिटौली में आजादी से पहले जली कन्या शिक्षा की लौ

Wed, 24 Jun 2026 05:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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14-टिटौली गांव में कुंडू भवन के बाहर आर्य समाज के विषय में चर्चा करते ग्रामीण। संवाद
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रोहतक। जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर टिटौली गांव अपनी मजबूत सामाजिक परंपरा के लिए जाना जाता है। यह आर्य समाज का प्रमुख केंद्र भी है। इस गांव में आर्य समाज की स्थापना 1930 में हुई। आजादी से पहले ही यहां कन्या शिक्षा लौ जलाई गई। 1943 में यहां कन्या पाठशाला शुरू हुई।
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यह कन्या पाठशाला आजादी से पहले से लेकर आज भी संचालित हो रही है। अब नए भवन में किए जा रहे इसके संचालन में ग्रामीणों का बहुत बड़ा योगदान है। 1957 में हिंदी आंदोलन में भी इस गांव के युवाओं ने भाग लिया।
ग्रामीण राम किशन, सुल्तान, अंकित आर्य, सुखबीर, सतीश व तकदीर आर्य आदि बताते हैं कि कुंडू गोत्र बाहुल्य गांव में स्थित कुंडू भवन में हर सप्ताह यज्ञ किया जाता है। गांव में स्वामी इंद्रवेश विद्यापीठ भी है। जो आर्य समाज की गतिविधियों का अंतरराष्ट्रीय केंद्र है।
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इसमें समय-समय पर देश-विदेश से आर्य समाज के विद्वान एकत्रित होते हैं और समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने का संकल्प लेकर कार्य करते हैं। वर्ष 2009 से यहां दैनिक यज्ञ भी होता है। विद्यापीठ में संस्कारों की शिक्षा दी जाती है।

बेटियां भी बढ़ा रही मान
कृषि प्रधान गांव में स्थित स्वामी इंद्रवेश विद्यापीठ आश्रम में बेटी बचाओ अभियान की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम आर्या हैं। सार्वदेशिक आर्या युवती परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवेश आर्या हैं। इनकी अगुवाई में विद्यापीठ में विभिन्न सामाजिक व जनचेतना के राष्ट्रीय शिविर आयोजित किए जाते हैं। इनमें गांव की अनेक बेटियां शामिल होती हैं। शिविर में बालिका शिक्षा, संस्कार, चरित्र निर्माण व आत्मरक्षा पर जोर दिया जाता है।

गांव में आजादी से पहले ही आर्य समाज का केंद्र है। यहां स्वामी इंद्रवेश विद्यापीठ में प्रतिदिन जबकि कुंडू भवन में हर सप्ताह यज्ञ किया जाता है।
- राम किशन
पूर्वज बताते हैं कि महर्षि दयानंद सरस्वती सांपला पहुंचे थे। उस समय गांव टिटौली से ग्रामीण वहां पहुंचे और प्रवचन सुने। उनसे प्रभावित होकर आर्य समाजी बने।
- अंकित आर्य
गांव में आजादी से पहले ही कन्या पाठशाला संचालित की जाती थी। गांव में पाठशाला आज भी है। हालांकि उसका भवन नया बनाया गया है। इसमें आर्य समाज के कार्यक्रम होते हैं।
- सुलतान
आर्य समाज में शिक्षा और संस्कारों के अलावा चरित्र निर्माण पर बहुत जोर दिया जाता है। इनसे परिपूर्ण व्यक्ति ही राष्ट्र निर्माण में बेहतर भूमिका निभा सकता है।
- जगत

14-टिटौली गांव में कुंडू भवन के बाहर आर्य समाज के विषय में चर्चा करते ग्रामीण। संवाद

14-टिटौली गांव में कुंडू भवन के बाहर आर्य समाज के विषय में चर्चा करते ग्रामीण। संवाद

14-टिटौली गांव में कुंडू भवन के बाहर आर्य समाज के विषय में चर्चा करते ग्रामीण। संवाद

14-टिटौली गांव में कुंडू भवन के बाहर आर्य समाज के विषय में चर्चा करते ग्रामीण। संवाद

14-टिटौली गांव में कुंडू भवन के बाहर आर्य समाज के विषय में चर्चा करते ग्रामीण। संवाद

14-टिटौली गांव में कुंडू भवन के बाहर आर्य समाज के विषय में चर्चा करते ग्रामीण। संवाद

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