महम में नपा सचिव से मिलते दुकानदार। संवाद
महम। नगरपालिका की दुकानों में 20 साल से काबिज दुकानदारों में नगर पालिका के अधिकारियों के प्रति रोष देखने को मिल रहा है। दुकानदारों का कहना है कि मुख्यमंत्री शहरी स्वामित्व योजना के तहत उनको मालिकाना हक मिलना था। लेकिन अधिकारियों की बेरुखी के कारण पांच साल बीत जाने के बाद भी फाइलें धूल फांक रही हैं। दुकानदार इस बारे में जिला उपायुक्त से लेकर नगर पालिका सचिव से मिल चुके हैं। यहां तक कि शहरी निकाय मंत्री कमल गुप्ता से मिलकर अपनी समस्या बता चुके हैं।
दुकानदारों का कहना है कि आज से दो माह पहले जो स्थिति थी, वहीं स्थिति आज भी बनी हुई है। अधिकारी वही रटा रटाया जवाब दे रहे हैं कि वे कार्य में लगे हुए हैं । लेकिन सच्चाई यह है कि आयुक्त के आदेशानुसार अभी तक ऑडिट भी नहीं हो सका है। पहले ऑडिटर ने बिना पॉलिसी की जानकारी लिए ही बेतुकी आपत्ति लगा दी थी। उसके बाद आयुक्त ने मामला साफ किया गया था कि सरकार की तरफ से बनाई गई योजना में इस तरह की आपत्ति लगाने का कोई औचित्य नहीं है। लेकिन उसके बावजूद अभी तक कुछ नहीं हो सका है। जब भी फाइलों को आगे बढ़ाने का समय आता है तो अधिकारी छुट्टी पर चले जाते हैं जिससे काम अटक जाता है। इस बारे में वे जब भी नपा सचिव से मिलते हैं, वे एक सप्ताह में काम हो जाने की बात कहकर टाल रहे देते हैं। इसको लेकर दुकानदारों ने रविवार को सुबह 9 बजे आजाद चौक के पास स्थित महाजनान धर्मशाला में एकत्रित होकर अगली रणनीति बनाने की योजना बनाई।
नपा सचिव नवीन नांदल का कहना है कि नपा के बीस साल पुराने किरायेदारों को मालिकाना हक दिया जाना है, जिसको लेकर ऑडिट का कार्य जारी है। लेकिन आरओ एक सप्ताह की छुट्टी पर है, उनके आने के बाद आगे का कार्य हो पाएगा।