शहर मेें जल निकासी की व्यवस्था जांचते डीसी अभिषेक मीणा। संवाद
रेवाड़ी। परिवेदना समिति की बैठक में दिए गए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, शहरी स्थानीय निकाय और नागरिक उड्डयन मंत्री विपुल गोयल के आदेशों का असर अब 9 दिन बाद अधिकारियों पर दिखने लगा है। मानसून सीजन में बारिश के कारण पैदा होने वाली जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए बुधवार को डीसी अभिषेक मीणा और डीएमसी राहुल मोदी फील्ड में उतरे।
डीसी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ शहर के बावल रोड से नया गांव स्ट्रॉम वॉटर डिस्पोजल प्लांट सहित कृष्ण नगर चौक, कालाका, रामगढ़-भगवानपुर रोड़ सहित विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर नालों व सीवर लाइन की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। नगर परिषद ने शहर के 31 वार्डों को जूनियर इंजीनियरों के बीच क्षेत्र बांट दिए हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी वार्ड में जलभराव की समस्या होती है तो संबंधित जेई के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। जेई को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके अधीन वार्डों के नालों में गंदगी जमा न हो।
वहीं, डीएमसी राहुल मोदी ने उन क्षेत्रों का निरीक्षण किया, जहां मानसून में जलभराव की समस्या गंभीर रहती है। डीएमसी ने सरकुलर रोड, मॉडल टाउन, सामान्य अस्पताल, धारूहेड़ा चुंगी और नाईवाली चौक क्षेत्र का दौरा किया। पाया गया कि इन क्षेत्रों के नाले गंदगी से भरे हुए हैं। इसके बाद अधिकारियों को व्यवस्था दुरुस्त करने के आदेश दिए।