एमडीयू की गुलाब वाटिका के शौचालय में बुधवार को एक युवक का शव मिला है। बहुतकनीकी संस्थान से पढ़ाई करने के बाद बेरोजगार घूम रहे युवक की मौत की असल वजह सामने नहीं आ सकी है। वीरवार को शव के पोस्टमार्टम के बाद स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है। युवक नशे का आदी बताया गया है। समाचार लिखे जाने तक परिजनों ने पुलिस में किसी तरह की शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
पुलिस के अनुसार बुधवार की सुबह किसी ने गुलाब वाटिका के शौचालय का दरवाजा बंद होने की सूचना दी थी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को दरवाजा अंदर से बंद मिला। इसे तोड़कर पुलिस अंदर पहुंची तो एक युवक का शव पड़ा मिला। तलाशी के दौरान युवक के पास से पहचान पत्र मिला। इससे उसकी पहचान मूलरूप से बहुअकबरपुर हाल जनता कॉलोनी निवासी 21 वर्षीय लोकेश के रूप में हुई। उसके बारे में परिजनों को सूचना दी गई। फारेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम के प्रभारी डॉ. सरोज दहिया खुद वहां पहुंची और मौके से साक्ष्य जुटाए। युवक की महंगी बाइक गुलाब वाटिका के पास शौचालय से करीब 10 कदम कदम दूर खड़ी मिली है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वीरवार को शव का पोस्टमार्टम होगा।
पीजीआईएमएस थाना प्रभारी राजू सिंधू ने बताया कि शौचालय में युवक का शव पड़े होने की सूचना मिली थी। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों ने युवक को नशे का आदी बताया है। वह मंगलवार रात परिवार के साथ ही घर में सोया था। वह एमडीयू क्यों और कैसे आया? इसका कुछ पता नहीं लगा है। वीरवार को शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा। उसकी मौत की वजह भी पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट होगी।
होली पर घर आया था युवक
जनता कॉलोनी निवासी पिता महेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि लोकेश ने हाल ही में बहुतकनीकी संस्थान से कोर्स किया था। वह नशे का आदी था। इसलिए उसे कुछ समय पहले ही नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। वह होली पर घर आया था। बुधवार को उसे वापस जाना था। वह मंगलवार रात तक हमारे साथ ही था। रात सभी साथ ही सोए थे। पता नहीं वह शौचालय में कैसे पहुंच गया।
बेटे की मौत की सूचना से बेसुध हुई मां
पुलिस की सूचना पर लोकेश के माता-पिता गुलाब वाटिका पहुंचे। यहां उन्हें बेटे की मौत की सूचना नहीं थी। इस दौरान एक बाइक सवार व्यक्ति ने शौचालय में शव होने की बात बताई। शव देखते ही वह बेहोश हो गईं। बेटे के जाने के गम में वह बुरी तरह बिलख पड़ी।
शौचालय से 30 कदम दूर पेंटिंग बना रहे थे विद्यार्थी
गुलाब वाटिका के शौचालय में जहां युवक का शव बंद पड़ा था, उससे करीब 30 कदम दूर पार्क में फाइन आर्ट के चार विद्यार्थी पेंटिंग बना रहे थे। विद्यार्थियों को इस घटना की भनक तक नहीं लगी।