विजेंद्र कौशिक
रोहतक। हेलो, श्रीमान जी आपकी प्रॉपर्टी आईडी की फाइल में जो कमियां थीं, वह अब तक आपने दूर नहीं करवाई। कृपा निगम कार्यालय में आकर कमियां दूर करवा लीजिए, ताकि समय पर आपकी प्रॉपर्टी आईडी अपडेट हो सके। नगर निगम की तरफ से शहर के छह हजार लोगों को इस आशय की कॉल की जाएगी। क्योंकि मुख्यालय ने एक साल में रिवर्ट की गई फाइल का डाटा निगम के पास भेजा है, ताकि दोबारा से उक्त फाइलों पर मंथन किया जा सके।
शहर में 2 लाख 19 हजार के करीब प्रॉपर्टी आईडी हैं, इसको लेकर आम नागरिक परेशान रहते हैं, क्योंकि 2021 में निजी एजेंसी ने जो सर्वे किया था, इसमें अनियमितताएं बरतीं। किसी का नाम व मोबाइल नंबर गलत कर दिया तो किसी का क्षेत्र बदल दिया। पिछले तीन साल से लोग प्रॉपर्टी आईडी ठीक कराने के लिए निगम के चक्कर काटते रहते हैं। प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में गड़बड़ी भी सामने आ चुकी है। ऐसे में ब्रांच से पुराने क्लर्क और अधिकारियों को बदला जा चुका है। लोकसभा चुनाव में विपक्ष प्रॉपर्टी आईडी को भी मुद्दा बनाता रहा है। ऐसे में सरकार ने प्रॉपर्टी आईडी में जो कमियां बची हैं, उनको बड़े पैमाने पर दूर करने का निर्णय लिया है। इसके लिए एक साल में नगर निगम प्रशासन की तरफ से कमी बताकर जो फाइल वापस आवेदक के पास भेज दी थी, उक्त छह हजार फाइलों को वापस नगर निगम के पास भेजा है। साथ ही हिदायत दी है कि उक्त कमियों को आवेदक से संपर्क करके दूर करवाएं।
यह है टैक्स की वार्ड वाइज जिम्मेदारी
अधिकारी वार्ड
विकास शर्मा, जेई 1 से 5, 8 व 9
सत्यव्रत एमई 10 से 15
जगबीर सिंह एसओ कम जेडटीओ 16 से 22
सुरेंद्र गोयल, सहायक 6 व 7
बकाया टैक्स में यह दिए गए अधिकारी
मेकर व चेकर 50 हजार तक के बिल में संशोधन कर सकता है।
डीएमसी 50 हजार से एक लाख तक के बिल में संशोधन कर सकता है।
संयुक्त आयुक्त एक लाख या इससे ज्यादा के बिल में संशोधन कर सकता है।
मुख्यालय की तरफ से छह हजार से ज्यादा फाइल निगम के पास भेजी हैं। निगम के मेकर यानि क्लर्कों को वार्ड वाइज डाटा दिया है। वे आवेदकों से संपर्क कर कमियों के बारे में बताएं, ताकि आवेदक दस्तावेज जमा करवाकर कमी दूर कर सकें।
विजय सिंह, संयुक्त आयुक्त नगर निगम