रोहतक। नगर निगम का दायरा और जनसंख्या दिन ब दिन बढ़ रही है। वहीं दमकल विभाग के संसाधन कम हो रहे हैं। ऐसे में यदि कहीं एक साथ कई क्षेत्रों में आगजनी की घटना होती है तो इससे निपटना विभाग के लिए परेशानी बन सकती है।
वर्तमान में दमकल विभाग के पास पांच वाटर टेंडर, एक रेस्क्यू टेंडर और दो फॉम टेंडर है, जबकि वर्ष 2017 में 16 फायर टेंडर थे। लगातार संसाधनों के कम होने से विभाग के अधिकारी परेशान हैं और उच्चाधिकारियों से लगातार संसाधन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार दमकल विभाग के पास 2017 में आग बुझाने के लिए 16 फायर टेंडर थे जबकि निगम का क्षेत्रफल और जनसंख्या करीब 5.12 लाख थी। अब निगम का एरिया करीब 139 वर्ग किमी. में फैल गया है और जनसंख्या करीब साढ़े छह लाख पहुंच गई है। बावजूद इसके दमकल विभाग के संसाधन बढ़ने के बजाय काफी कम हो गए हैं। यदि एक साथ दो-तीन स्थानों पर आग लगने की सूचना आती है, तो सभी स्थानों पर दमकल कर्मियों का पहुंचना संभव नहीं हो पाता है। वर्तमान में दमकल विभाग के पास सिर्फ आठ फायर टेंडर हैं, जिनमें से एक रेस्क्यू टेंडर है। रेस्क्यू टेंडर सिर्फ आग के दौरान फंसे लोगों को निकालने में काम आता है।
कहां कितने आग बुझाने के संसाधन
मानसरोवर पार्क व सेक्टर पांच में पांच वाटर टेंडर, एक रेस्क्यू टेंडर और दो फॉम टेंडर हैं जबकि सांपला में सिर्फ एक वाटर टेंडर है। एनजीटी की गाइडलाइन की वजह से दो वाटर टेंडर अनुपयोगी हो गए हैं।
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नगर निगम का क्षेत्रफल और जनसंख्या काफी बढ़ गई है और दमकल के संसाधन कम हो गए हैं। 2017 में करीब 16 फायर टेंडर थे और वर्तमान में रेस्क्यू टेंडर को मिलाकर सिर्फ आठ हैं। ऐसे में कम से कम 10 और वाटर टेंडर की जरूरत है। उच्चाधिकारियों से लगातार संसाधन बढ़ाने की मांग की जा रही है।
- रमेश जांगड़ा, सीएफओ रोहतक