संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। श्रावण मास में पवित्र कांवड़ यात्रा के दौरान रोहतक शहर शिवमय हो रहा है। रोहतक-गोहाना-पानीपत मार्ग पर अलग-अलग जगहों पर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे शुक्रवार को दिनभर गूंजते रहे।
शिवरात्रि के निकट आने के साथ ही कांवड़ियों की संख्या बढ़ने लगी है। सड़क पर केसरिया वस्त्र पहने शिव भक्तों और कांवड़ियों की लंबी कतारें लगने लगी हैं। हरिद्वार में हर की पौड़ी से गंगाजल लेकर अनेक श्रद्धालु रोहतक के रास्ते दादरी, भिवानी व महेंद्रगढ़ आदि स्थानों की ओर प्रस्थान करते हैं।
इसी के चलते शहर के गोहाना रोड पर सर्वाधिक कांवड़िए यात्रा कर रहे हैं। कांवड़ियों की सेवा के लिए इसी रास्ते पर अनेक जगह शिविर भी लगाए गए हैं जहां कांवड़ियों की सेवा की जा रही है।
मन्नत पूरी होने पर नारनौल का दंपती लाया कांवड़
नारनौल जिले के अटेली नांगल निवासी दीपांशु पहली बार हर की पौड़ी से गंगाजल लेकर निकले हैं। उनके साथ उनकी पत्नी प्रियंका भी कांवड़ लेकर साथ चल रही हैं। वे बताती हैं कि उन्होंने 2024 में भाई होने की मन्नत मांगी थी और 2025 को उनकी मन्नत पूरी हो गई। इसी खुशी में वह पति के साथ गंगाजल लेकर हरिद्वार से अपने गांव की तरफ जा रहे हैं। दोनों की पहली कांवड़ यात्रा है। 29 जुलाई को हरिद्वार से गंगाजल लेकर चले थे और 10 अगस्त को अपने गांव पहुंच जाएंगे।
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01-हरिद्वार से कांवड़ ला रहे नारनौल जिला के अटेली नांगल निवासी दीपांशु व उनकी पत्नी प्रियंका ।
01-हरिद्वार से कांवड़ ला रहे नारनौल जिला के अटेली नांगल निवासी दीपांशु व उनकी पत्नी प्रियंका ।