करनाल में रविवार को हुआ ब्राह्मण महाकुंभ का आयोजन पूरी तरह फेल रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ब्राह्मणों को लुभाने के लिए पहरावर की जमीन का मुद्दा उठाया और अपनी सरकार का गुणगान करते हुए जमीन समाज को सौंपने की घोषणा की। नवीन जयहिंद ने जमीन पर सैकड़ों फरसाधारियों की ओर से अपने दम पर कब्जा पाने का दवा किया है।
रविवार को अपने बयान में उन्होंने कहा कि सरकार कई वर्षों से जमीन के मुद्दे को बकाया राशि के चक्कर में अटकाए हुए थी। पहरावर की जमीन पर ब्राह्मणों का हक है। हमें किसी की खैरात की जरूरत नहीं है। ब्राह्मण महाकुंभ को बड़ा छलावा करार देते हुए उन्होंने कहा कि केवल सड़कों व चौराहों के नाम भगवान परशुराम के नाम से रखने से समाज का भला नहीं होगा। वास्तव में सरकार ब्राह्मणों का भला चाहती है तो ईबीपीजी के नाम पर गोली देना बंद करे। इस कोटे को जल्द बहाल करे। यह महाकुंभ ब्राह्मण समाज के साथ धोखा है। अब महाभारत के महायुद्ध के लिए तैयार रहना होगा। सरकार ने कोई भी घोषणा ब्राह्मणों के हित में नहीं की है। दोहली की जमीन का मालिकाना हक समाज को देने के बारे में मुख्यमंत्री ने कोई घोषणा नहीं की है। यह समाज के साथ नाइंसाफी है। इसे सहा नहीं जाएगा।