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Rohtak News: आरोपी से बरामद पिस्तौल से नहीं चली थी गोली, अदालत ने किया बरी

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रोहतक। छह साल कुलताना में किराये पर रह रहे सहरसा (बिहार) के 17 साल के किशोर की हत्याकांड में पुलिस की चूक सामने आई है। एफएसएल जांच में खुलासा हुआ कि हत्या के आरोपी इस्माईला निवासी महेश से बरामद 32 बोर की पिस्तौल से गोली ही नहीं चली। इतना ही नहीं, मृतक का चचेरा भाई और शिकायतकर्ता भी अदालत में आरोपी को नहीं पहचान सका। साक्ष्याें के अभाव में एएसजे राजकुमार यादव की अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया।
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बचाव पक्ष के वकील सुशील पांचाल ने बताया कि जून 2017 में सहरसा जिले के गांव भेलाई निवासी 20 वर्षीय नवीन कुमार ने सांपला थाने में शिकायत दी थी कि वह कुलताना गांव स्थित फैक्टरी अपने गांव के साथियों के साथ नौकरी करता था। साथ ही कुतलाना गांव में गंगाराम के कमरों में रहते थे। एक जून की रात करीब नौ बजे सभी अपने कमरों में सो गए। रात करीब 11 बजे उसका चचेरा भाई 17 वर्षीय स्वर्ण भाई बर्तन साफ कर रहा था। अचानक गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। स्वर्ण भागता हुआ अंदर आया। उठकर देखा तो एक युवक गोलियां चला रहा था। गोलियां लगने से स्वर्ण ने दम तोड़ दिया। आरोपी कार में बैठकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच की।
कमरों पर कब्जा करने की नीयत से हत्या का था आरोप
वकील ने बताया कि पुलिस ने अदालत में जो आरोप पत्र दाखिल किया, उसमें आरोप लगाया था कि इस्माईला निवासी महेश उन कमरों पर कब्जा करना चाहता था, जहां बिहार के युवक रहते थे। इसी के चलते उसने बिहार के युवक की गोली मारकर हत्या की। पुलिस ने आरोपी से 32 बोर का पिस्तौल बरामद किया था।
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