एटीएम में सोमवार को भी कैश का सूखा रहा। जिन एटीएम में नोटों की हरियाली रही, वहां पर लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं। यही नहीं, कुछ जगहों पर लोग एटीएम में कैश डलने की उम्मीद में ही खड़े रहे। बैंकों में छुट्टी के तीसरे दिन भी शहर के 95 फीसदी एटीएम कैशलेस रहे और नारायण कांप्लेक्स स्थित केवल एक ही एटीएम चला।
यह एटीएम भी तीन घंटे में खाली हो गया। वहीं, तीन दिन की छुट्टियों के बाद बैंक खुलने का इंतजार कर रहे लोगों को आज राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, बैंकों के पास कैश के पर्याप्त इंतजाम हैं या नहीं इस बारे में असमंजस की स्थिति है, क्योंकि छुट्टियों के पहले अधिकतर बैंकोें में कैश नहीं था।
सोमवार को भी बैंक बंद रहे और एटीएम कैशलेस। ऐसे में उन लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई, जो कैश की वजह से अपनी जरूरत के कार्य भी नहीं कर पा रहे हैं। छुट्टी के तीसरे दिन भी लोग एटीएम की तलाश में दिल्ली बाईपास से हुडा कांप्लेक्स तक पहुंच गए। यहां विजया बैंक का एटीएम चल रहा था। इसलिए एटीएम के बाहर महिलाओं, पुरुषों के साथ सीनियर सिटीजन की भी लंबी लाइनें लगी रही। हालात ये थे कि पुरुषों और महिलाओं की बराबर कतार होने के बावजूद तीन के बाद एक महिला को पैसे निकालने दिए गए।
मौके पर पहुंची पुलिस के सामने जब महिलाओं और सीनियर सिटीजन ने इस बात पर आपत्ति जताई तो उन्होंने दो पुरुषों के बाद एक महिला को एटीएम में जाने दिया। साथ ही, सीनियर सिटीजन की भी अलग से लाइन बनाई। यह एटीएम सुबह 9:30 बजे शुरू हुआ और दोपहर 12:30 बजे कैशलेस हो गया। इस वजह से एटीएम के बाहर खडे़ करीब 150 लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा।