संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (एआईयू) की नई नियमावली विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों के लिए चुनौती बन गई है। अंतर-विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए एआईयू ने न्यूनतम योग्यता मानक नियम लागू किया। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) ने इस नियम के तहत दोबारा आर्चरी के ट्रायल करवाए।
खेल अधिकारियों ने बताया नियम में एथलेटिक्स, तैराकी, निशानेबाजी, पावरलिफ्टिंग और तीरंदाजी में शामिल हैं। स्पोर्ट्स हैंडबुक के प्रावधानों के अनुसार इन खेलों में भाग लेने वाले एथलीटों को पिछले वर्ष की अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय चैंपियनशिप में 16वां स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी के बराबर न्यूनतम प्रदर्शन का मानक प्राप्त करना आवश्यक होगा।
इसके बावजूद विश्वविद्यालय एथलीट को मैदान में उतारता है व निर्धारित न्यूनतम योग्यता मानक को पूरा नहीं करता है तो एआईयू संबंधित एथलीट को 3,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
खिलाड़ियों का खेल स्तर बढ़ाने के लिए यह नियम ठीक है लेकिन विश्वविद्यालय चयन के बाद आगामी व अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में खिलाड़ी का बेहतर प्रदर्शन न होने पर जुर्माना लगाना ठीक नहीं है। इससे खिलाड़ी हतोत्साहित होते हैं।
- पूजा, पैरा ओलंपिक खिलाड़ी
इस नियम से विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों की संख्या कम होगी। जुर्माना लगाने से न केवल विश्वविद्यालय पर प्रभाव पड़ेगा बल्कि खिलाड़ियों की प्रतिभा पर भी असर पड़ेगा।
- गौरव खिलाड़ी, एमडीयू
पिछले वर्षों की तरह खेल गतिविधियों में खिलाड़ियों की संख्या अधिक होती थी लेकिन इस नियम के तहत खिलाड़ियों की संख्या कम हो जाएगी। खिलाड़ी ही एक-दूसरे से सीखते हैं।
- कृतिका खिलाड़ी, एमडीयू
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नियम से चुनिंदा विश्वविद्यालयों की ही रहेगी भागीदारी
खेल विशेषज्ञ का मानना है कि इस नियम के अनुसार चुनिंदा विश्वविद्यालयों की भागीदारी रहेगी। जिस भी विश्वविद्यालय का पिछला स्कोर बेहतर रहा था अगर उसको कोई दूसरे विश्वविद्यालय का खिलाड़ी पूरा नहीं कर पाता है तो ऐसे में विश्वविद्यालय एक उपलब्धि हासिल करने से वंचित रह जाएगा। हालांकि, उस स्कोर से कुछ खिलाड़ी अछूते नहीं रहेंगे। इंटर कॉलेज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाला खिलाड़ी मानकों को पूरा नहीं पाता है तो वह ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पाएगा।
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एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज की ओर से पत्र प्राप्त हुआ है। एमडीयू के अधीन आने वाले सभी कॉलेजों को पत्र भेज दिया है। इस कारण से आर्चरी के ट्रायल दोबारा लिए हैं। खेलों में खिलाड़ियों की अधिक से अधिक भागीदारी के लिए एसोसिएशन से भी अनुरोध किया है कि इस नियम में बदलाव किया जाए।
- शकुंतला बेनीवाल, खेल अधिकारी, एमडीयू
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