रोहतक। स्वास्थ्य वाहिनी केवल स्वास्थ्य जांच शिविर नहीं बल्कि स्वास्थ्य समानता का एक जन आंदोलन है। गांव तक उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाकर हम रोहतक की किसी भी महिला को कैंसर से अकेले संघर्ष करने के लिए नहीं छोड़ना है। महिलाओं के ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती दौर में पहचान करने की प्रशासन की यह महत्वपूर्ण पहल है। ऐसा कहना है उपायुक्त सचिन गुप्ता का।
उन्होंने निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और बीमारियों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित करने की दिशा में पहल करते हुए जिला प्रशासन रोहतक की ओर से स्वास्थ्य वाहिनी की शुरुआत की है। इस पहल का मुख्य फोकस स्तन कैंसर की प्रारंभिक पहचान पर है जो ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी, महंगी जांच व विशेषज्ञ सुविधाओं की सीमित उपलब्धता के कारण अक्सर देर से सामने आता है।
मोबाइल मैमोग्राफी वैन और सुव्यवस्थित स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से स्वास्थ्य वाहिनी महिलाओं को नि:शुल्क, जीवन रक्षक जांच सेवाएं उनके घर के पास ही उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि 35 वर्ष एवं उससे अधिक आयु की महिलाओं के लिए 100 प्रतिशत मैमोग्राफी स्क्रीनिंग की सुविधा है।
खंड सांपला व गीता जयंती महोत्सव के दौरान किए गए पायलट चरण में 8,086 नागरिकों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। इनमें 1,082 महिलाओं की स्तन कैंसर स्क्रीनिंग की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में 469 हाईटेक मैमोग्राफी जांच की गई। इसमें 106 गंभीर एनीमिया मामलों की पहचान कर त्वरित उपचार सुनिश्चित किया गया।