संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आकाश सरोहा की अदालत ने चेक बाउंस के दोषी उमेश को एक साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने चेक बाउंस की राशि के साथ तीन लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। यह न देने पर एक महीने अतिरिक्त कैद काटनी होगी।
शिकायतकर्ता देवेंद्र कुमार का यह प्रकरण वर्ष 2019 से लंबित था। देवेंद्र ने कोर्ट से चेक बाउंस के दोषी उमेश को अधिकतम सजा की मांग की। कहा, दोषी के कारण उसे दर-दर भटकना पड़ा है।
उमेश के वकील ने कहा कि दोषी बेहद गरीब है। उसकी दो बेटियां हैं। पिता का निधन हो चुका है और मां बूढ़ी हैं। परिवार में कमाने वाला कोई और नहीं है। बड़ी मुश्किल से परिवार का गुजारा हो रहा है। लिहाजा, उसे कम से कम सजा दी जाए।
कोर्ट ने कहा कि दोषी उमेश परिवीक्षा का लाभ पाने का हकदार नहीं हैं। वह गरीब है, परिवार का एकमात्र कमाने वाला है और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, यह सजा को कम करने का एक कारक हो सकता है। लेकिन, बारंबार समझौता करके भी उसका सम्मान नहीं किया।
कोर्ट ने दोषी को एक वर्ष कैद की सजा और तीन लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। कोर्ट ने बाउंस चेक की राशि का डेढ़ गुना यानी दो लाख रुपये भी 30 दिनों के भीतर भुगतान करने का आदेश दिया। यह नहीं चुकाने पर दोषी को एक महीने कैद की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।