झज्जर। बीते 59 वर्षों से चली आ रही परंपरानुसार नवदुर्गा मंदिर श्री बूढ़ा महादेव में गत एक माह से जारी वार्षिक कार्तिक मास यज्ञ का वीरवार को पूर्णाहुति से समापन हो गया। समापन अवसर पर आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया।
मंदिर समिति के प्रधान अधिवक्ता मानक चंद गुप्ता ने बताया कि 59 वर्ष पूर्व लाला भगतराम पंसारी ने हवन-यज्ञ आरंभ किया था, जिसका अनुसरण आज भी जारी है। वीरवार को हुए पूर्णाहुति यज्ञ में पंडित अनिल भारद्वाज ने वैदिक मंत्रोच्चारण किया। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। भगवान विष्णु के पहले अवतार का जन्म इसी दिन हुआ था। पौराणिक मान्यतानुसार भगवान श्री कृष्ण ने इसी तिथि पर रास रचाई थी।
उन्होंने बताया कि नवदुर्गा बूढ़ा महादेव मंदिर के पुजारी स्वर्गीय रामबिलास भारद्वाज का निधन गंगाजी के घाट पर वर्ष 2002 में कार्तिक पूर्णिमा पर हुआ था, उनकी पुण्यतिथि पर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
वहीं, सिख धर्म के संस्थापक सिखों के प्रथम गुरु नानक देवजी का जन्म इसी तिथि को हुआ था। कार्तिक पूर्णिमा बड़ी पवित्र तिथि मानी गई हैं। इस दिन किए स्नान-दान हवन यज्ञ उपासना आदि का अनंत फल प्राप्त होता है। कार्तिक पूर्णिमा को श्री सत्यनारायण की कथा श्रवण करनी चाहिए। कार्यक्रम में प्रकाशचंद गर्ग, महेश गुप्ता, सुभाष बिंद्रा, कौशल गुप्ता, ममता गर्ग, अनिल भारद्वाज, शिव मुदगिल, कलावती देवी, शीला गर्ग, कनिष्का, संजना, रशमी, सुनीता व अन्य मौजूद रहे।