माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में लंबे समय से लंबित शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर शिक्षक समुदाय ने गहरी चिंता व्यक्त की है। इस संबंध में विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने हरियाणा के राज्यपाल एवं एमडीयू के कुलाधिपति के नाम डीन, एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एससी मलिक को ज्ञापन सौंपा है। इसमें भर्ती प्रक्रिया को तत्काल, निर्बाध व समयबद्ध रूप से पूरा कराने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि विश्वविद्यालय में पिछले लगभग एक दशक से नियमित शिक्षकों की पर्याप्त भर्ती नहीं हुई है। इसके परिणामस्वरूप सहायक प्राध्यापक, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के लगभग 200 स्वीकृत पद विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े हैं। कई विभागों की स्थिति अत्यंत गंभीर हो चुकी है। कहीं एक भी नियमित शिक्षक नहीं है तो कहीं एक-दो शिक्षकों के सहारे शैक्षणिक कार्य संचालित किया जा रहा है।
शिक्षकों के अनुसार इस गंभीर कमी के कारण पढ़ाई, शोध निर्देशन, मूल्यांकन और शैक्षणिक प्रशासन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इससे छात्रों को भारी अकादमिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में 800 से अधिक गैर-शिक्षिक्षणिक (प्रशासनिक व तकनीकी) पद भी वर्षों से खाली पड़े हैं। इससे प्रशासन, परीक्षा व्यवस्था, छात्र सेवाएं और रोजमर्रा का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
शिक्षकों का आरोप है कि इस अत्यावश्यक भर्ती प्रक्रिया को कुछ राजनीतिक रूप से प्रेरित व पक्षपात पूर्ण समूहों की ओर से जानबूझकर बाधित किया जा रहा है। इस मौके पर डॉ. शमशेर सिंह, डॉ. संजय नांदल, डॉ. अश्विनी धींगड़ा, डॉ. कामना सोलंकी, डॉ. राजकुमार, डॉ. दीपक छाबड़ा, डॉ. सुरेंद्र दहिया, डॉ. अनूप कुमार समत अनेक शिक्षक मौजूद रहे।