एमडीयू के एजुकेशन डिपार्टमेंट से प्रोफेसरों के तबादले का मामला गरमाता जा रहा है। तीन दिन पूर्व कार्यभार संभालने को लेकर हुए विवाद के बाद डिपार्टमेंट की महिला एचओडी और डीन फैकल्टी ऑफ एजुकेशन ने जान का खतरा बताया है। दोनों महिला अधिकारियों ने एमडीयू प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
मामला कुछ इस तरह से है। डिस्टेंस की मान्यता बचाने के लिए एमडीयू प्रशासन ने बीते दिनों एजुकेशन डिपार्टमेंट की एचओडी डॉ. मधु गुप्ता और डीन फैकल्टी ऑफ एजुकेशन डॉ. हेमंत लता शर्मा समेत तीन प्रोफेसरों का तबादला डीडीई में कर दिया था। हालांकि अभी तक किसी भी प्रोफेसर को रिलीव नहीं किया गया है।
तीन दिन पूर्व डिपार्टमेंट का कार्यभार संभालने को लेकर एचओडी और डीन का एक अन्य एसोसिएट प्रोफेसर के साथ विवाद हो गया था। उस समय एसोसिएट प्रोफेसर और उनके एक अन्य सहयोगी को डिपार्टमेंट से बाहर निकाल दिया गया था। इसी मामले को लेकर अब एचओडी और डीन ने जान का खतरा बताया है।
सूत्रों की मानें तो दोनों महिला अधिकारियों की तरफ से सिक्योरिटी ऑफिसर को पत्र भेजा गया है, जिसमें उन्होंने इस घटना के बाद खुद को असुरक्षित बताया है। इसलिए उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाए। अभी तक यह पत्र केवल सिक्योरिटी ऑफिसर को भेजा गया है, लेकिन सोमवार को यूनिवर्सिटी खुलने पर यह मामला कुलपति सुधीर राजपाल के संज्ञान में भी डाला जाएगा। उन्हें भी पत्र भेजकर सुरक्षा दिलाने की मांग की जाएगी।
कोई बनना चाहता है एचओडी तो कोई संजो रहा डीन के ख्वाब
भले ही पिछले कई दिनों से एजुकेशन डिपार्टमेंट में खींचतान सबके सामने आ रही हो, लेकिन इसकी रूपरेखा काफी समय पहले तैयार हो चुकी थी। दरअसल एमडीयू के एक प्रशासनिक अधिकारी अपने चहेतों को एचओडी और डीन के पद पर बैठना चाहते हैं। ऐसे में उन्हें डिस्टेंस की मान्यता का बहाना मिल गया और डिस्टेंस की आड़ में किसी भी तरह दोनों चहेतों को कुर्सी दिलाने की कोशिश में लगे हैं। अब देखना है कि चहेतों को पद पर बैठाने का ख्वाब पूरा हो पाता है या फिर नहीं।
प्रोफेसर मधु गुप्ता और प्रोफेसर हेमंत लता शर्मा की तरफ से सिक्योरिटी को लेकर पत्र आया है, जिसे सोमवार को रजिस्ट्रार के सामने रखा जाएगा। अधिकारियों के जो भी आदेश होंगे, उसके अनुसार सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
- तरुण शर्मा, सिक्योरिटी कंट्रोलर एमडीयू