रवि ने पुलिस को बताया कि 27 अगस्त को उन्होंने इंस्टाग्राम पर पंजाब सरकार के नाम से राखी बंपर लॉटरी की रील देखी थी। रील पर क्लिक करने के बाद आरोपी उन्हें व्हाट्सएप पर ले गए और पांच टिकटों के लिए 2,000 रुपये जमा करवाए। 29 अगस्त को आरोपियों ने फर्जी विनर लिस्ट भेजकर उन्हें 10 लाख रुपये का विजेता बताया। इसके बाद अलग-अलग शुल्क के नाम पर रकम जमा करवाई गई।
आरोपियों ने खुद को लॉटरी मैनेजर बताते हुए 45,000 रुपये और मांगे। रवि ने 20 हजार, 9 हजार और 16,500 रुपये और जमा कर दिए। इसके बावजूद पुरस्कार राशि नहीं मिली। शक होने पर उन्होंने गूगल पर वास्तविक लॉटरी परिणाम देखा तो विनर लिस्ट फर्जी निकली।
लॉटरी के नाम पर ठगी से रहें सावधान
थाना प्रभारी साइबर सोनीपत पवन कुमार ने बताया कि लॉटरी या इनाम के नाम पर आए फोन, मैसेज और लिंक पर भरोसा न करें। किसी अनजान व्यक्ति से ओटीपी, बैंक विवरण, एटीएम की जानकारी या पासवर्ड साझा न करें और इनाम के नाम पर मांगी गई फीस जमा न करें।
थाना प्रभारी साइबर सोनीपत पवन कुमार ने बताया कि लॉटरी या इनाम के नाम पर आए फोन, मैसेज और लिंक पर भरोसा न करें। किसी अनजान व्यक्ति से ओटीपी, बैंक विवरण, एटीएम की जानकारी या पासवर्ड साझा न करें और इनाम के नाम पर मांगी गई फीस जमा न करें।