36 आर्य समाज मॉडल टाउन में हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बच्चों को सम्मानित करती सुमन भाटिया व
रोहतक। आर्य समाज मॉडल टाउन में स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में मुख्य वक्ता दिल्ली से आए डॉ. विवेक आर्य ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद का जीवन अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ते मानवीय संघर्ष का उदाहरण है।
स्वामी दयानंद के सान्निध्य में उनका जीवन समाज सुधार और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित हो गया। उन्होंने गुरुकुल शिक्षा, स्त्री शिक्षा, विधवा विवाह, ब्रह्मचर्य, शुद्धि आंदोलन और दलितोद्धार के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए। डॉ. आर्य ने बताया कि स्वामी श्रद्धानंद ने उन हिंदुओं के पुनर्वास का शुद्धि आंदोलन चलाया जो विभिन्न मतों में चले गए थे।
इससे विचलित होकर 23 दिसम्बर 1926 को अब्दुल रशीद ने दिल्ली में उनकी हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि शुद्धि आंदोलन को आगे बढ़ाना ही स्वामी श्रद्धानंद के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इससे पूर्व संजीवन कुमार ने हवन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सुमन भाटिया एवं सुशील आर्य ने भजनों से स्वामी जी के जीवन पर प्रकाश डाला।
डॉ. जगदेव विद्यालंकार ने स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान का उल्लेख किया जबकि आर्य समाज मॉडल टाउन के प्रधान देसराज आर्य ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम में आर्य वीर दल की बालिकाओं ने भी प्रेरणादायक प्रस्तुतियां दीं।