रोहतक। साइबर अपराधियों ने एक ट्रांसपोर्टर से बीमा में जमा की गई किस्त को वापस दिलाने के नाम पर 9,07315 रुपये की ठगी की। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
रोहतक की नेहरू कॉलोनी निवासी विजेंद्र सिंह ट्रांसपोर्टर है। पुलिस को दी शिकायत में उनके पास 28 अक्तूबर को एक निजी बैंक के कर्मचारी का फोन आया। उसने बताया कि उनकी बीमा पॉलिसी की कुछ किस्तें जमा कराकर उसे पुन: चालू कराया जा सकता है। उन्होंने इन्कार दिया। बैंक कर्मी (साइबर ठग) बोला जो पैसा जमा किया था उसे वापस लिया जा सकता है। इस पर ठग ने शर्त रखी कि जिस खाते से रुपये दिए गए थे, उसी में वापस आएंगे, इसलिए जो ओटीपी आए वह बताने होंगे। एचडीएफसी क्रेडिट कार्ड के ओटीपी आए तो पीड़ित ने ठग को बता दिया। एक के बाद एक तीन बार में 9,07315 रुपये निकाल लिए। मोबाइल पर मैसेज आने के बाद साइबर थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्काल बैंक से संपर्क साधकर खाता फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ठगी से बचने के लिए ये सावधानी बरतें
1. बैंक खातों, क्रेडिट कार्ड, फोन या ईमेल आदि की किसी को जानकारी न दें।
2. संदिग्ध ई-मेल, लिंक आदि पर क्लिक न करें। इनमें मेलवेयर या वायरस हो सकता है।
3. लॉटरी की राशि लेने के लिए कभी किसी को एडवांस राशि न दें।
4. जब आपने लाटरी खरीदी ही नहीं तो आप जीत कैसे जाएंगे।
ठगी होने पर पहले यह काम करें
यदि आपके साथ किसी भी तरह की साइबर ठगी हो जाती है तो इसकी शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://www.cybercrime.gov.in दें। साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930, डायल 112 और साइबर थाना आदि में शिकायत करें।