देशभर में खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अब फंड का कमी नहीं रहेगी। सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले समय में देश भर की यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों से खेल सुविधाओं के नाम पर एक-एक रुपया लिया जाएगा। स्पोर्ट्स डवेलपमेंट फंड के नाम से लिए जाने वाले एक-एक रुपये से न केवल खेल गतिविधियों में सुधार होगा, बल्कि खिलाड़ियों को भी लाभ मिलेगा। अखिल भारतीय विश्वविद्यालय संघ की स्पोर्ट्स बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति दे दी गई है।
देशभर में 749 यूनिवर्सिटी हैं। इसमें स्टेट, प्राइवेट और सेंट्रल यूनिवर्सिटी सभी शामिल हैं। इन यूनिवर्सिटी में से लगभग 300 यूनिवर्सिटी ही खेल गतिविधियों में सक्रिय हैं। यूनिवर्सिटी स्तर पर खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने को लेकर अक्सर फंड की समस्या रहती है। फंड की कमी होने के कारण समय पर बड़ी खेल गतिविधियां भी नहीं हो पाती।
खेल गतिविधियों में सुधार कैसे करें, इस पर मंथन के लिए बीते दिनों एमडीयू में अखिल भारतीय विश्वविद्यालय संघ की स्पोर्ट्स बोर्ड की बैठक हुई। इसमें देश भर की यूनिवर्सिटी से आए कुलपति और खेल अधिकारियों समेत अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया था, जिसमें सभी ने सुझाव भी दिए। निर्णय हुआ कि फंड की कमी को दूर करने के लिए देश भर की यूनिवर्सिटी में नियम लागू किया जाएगा। एडमिशन के समय सभी विद्यार्थियों से स्पोर्ट्स डवेलपमेंट फंड के नाम से एक-एक रुपया लिया जाए, जो सीधा विश्वविद्यालय संघ के पास जाएगा। एक-एक रुपये से अधिक भार भी नहीं पड़ेगा और खेल सुविधाओं के लिए फंड भी आएगा।
जनरल काउंसिल से मंजूरी मिलना बाकी
प्रस्ताव पर अंतिम मुहर दिल्ली में होने वाली जनरल काउंसिल की बैठक में ही लगेगी। जनरल काउंसिल की मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा।
यूं बोले कुलपति
स्पोर्ट्स बोर्ड की बैठक में यह प्रस्ताव आया है, लेकिन अभी इसके मिनट्स पास नहीं हुए हैं। खेल सुविधाओं को सुधारने के लिए यह एक बेहतर प्रयास होगा।
- प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया, कुलपति, एमडीयू।