रोहतक को प्रदेश की सबसे क्लीनसिटी का अवार्ड दिया गया, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर रेकिंग 109 रही। जबकि पिछले साल प्रदेश में रोहतक दूसरे स्थान पर था, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर रेकिंग 38 थी।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में नगर निगम रोहतक ने प्रदेश के अंदर पहला स्थान हासिल किया है। वीरवार को नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त जितेंद्र दहिया व नोडल अधिकारी मनदीप धनखड़ ने दिल्ली जाकर अवार्ड हासिल किया, लेकिन साल 2022 की तुलना में स्वच्छता के मामले में शहर की रेकिंग राष्ट्रीय स्तर पर 71 प्वाइंट गिर गई है।
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आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से देश में हर वर्ष अंकों के आधार पर स्वच्छता सर्वेक्षण कराया जाता है। साल 2023 में विभाग ने तीन माह पहले शहर में सर्वेक्षण कराया था, जिसका परिणाम वीरवार को जारी किया गया। रोहतक को प्रदेश की सबसे क्लीनसिटी का अवार्ड दिया गया, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर रेकिंग 109 रही। जबकि पिछले साल प्रदेश में रोहतक दूसरे स्थान पर था, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर रेकिंग 38 थी।
साल 2022 में स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 को तीनों वर्गों में 7500 अंकों के आधार पर किया गया। तीनों वर्गों में रोहतक ने 5143.17 (68.57 प्रतिशत) अंक हासिल किए थे। स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 में रोहतक को 6000 में से 3821.52 (63.69 प्रतिशत) अंक हासिल हुए थे। स्टार रेटिंग में रोहतक निगम को पिछले दो साल से तीन स्टार मिले थे। ओडीएफ प्लस भी प्लस रहा था। इस बार रोहतक को प्रदेश में नंवर वन क्लीनचिटी माना गया, लेकिन स्टार रेकिंग नहीं मिली।
नगर निगम रोहतक की अब तक की देशभर में रैंकिंग
2016 की रैंक - 288वीं
2017 की रैंक - 295वीं
2018 की रैंक - 89वीं
2019 की रैंक - 69वीं
2020 की रैंक - 35वीं
2021 की रैंक - 49वीं
2022 की रैंक - 38वीं
2023 की रैंक -109