रोहतक। केंद्रीय जीएसटी की 11 सदस्यीय टीम ने मंगलवार को शहर की एक बेकरी की दुकान पर टैक्स चोरी के शक में दस्तक दी। सर्च वारंट के साथ दोपहर साढ़े 12 बजे तक रात 10 बजे तक दुकान, मकान व गोदाम का रिकॉर्ड खंगाला। विभाग के सूत्रों का कहना है कि रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है। लाखों के टैक्स चोरी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
विभाग के मुताबिक सूचना मिली थी कि बेकरी की दुकान का टर्नओवर ज्यादा है, लेकिन रिकॉर्ड में कम दिखाया जा रहा है। ताकि टैक्स बचाया जा सके। दुकान का कंपोजिट केटेगिरी में रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके चलते विभाग ने पहले सर्च वारंट निकलवाया। इसके बाद टीम ने दोपहर को एक साथ दुकान, मकान व गोदाम पर दस्तक दी। विभाग के सूत्रों का कहना है कि अगर टैक्स चोरी मिली तो विभाग ब्याज व जुर्माने के साथ राशि की वसूली करेगा। इससे पहले सेंट्रल जीएसटी की टीम पहले भी एक दुकान पर छापेमारी कर चुकी है।
शहर के होटल, रेस्टोरेंट व कपड़े के कारोबारी व कोचिंग सेंटर विभाग के राडार पर
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सेंट्रल जीएसटी की शहर कीउन फर्मों पर नजर है, जिनकी आय से कम टैक्स जमा किया जा रहा है। विभाग का मानना है कि अगर इनके संचालकों की ओर से समय पर पूरा टैक्स जमा नहीं कराया गया तो विभाग सर्च वारंट लेकर कार्रवाई करेगा। इसमें होटल, रेस्टोरेंट, कपड़े के बड़े कारोबारी व कोचिंग सेंटर तक शामिल हैं।
क्या है कंपोजिट केटेगिरी
अधिकारियों के मुताबिक सेंट्रल जीएसटी की श्रेणी में ऐसी फर्म आती है। जिनका साल भर का कारोबार एक करोड़ से कम होता है। इस श्रेणी में रजिस्ट्रेशन लेने वाले को उत्पाद पर एक प्रतिशत का सेंट्रल जीएसटी टैक्स जमा करना होता है। जबकि एक करोड़ से ज्यादा के टर्नओवर वाले कारोबारियों को 5 से 12 प्रतिशत जीएसटी टैक्स अलग-अलग उत्पादों पर देना पड़ता है।
विभाग को टैक्स चोरी की सूचना मिली थी, जिसके बाद सर्च वारंट लेकर कार्रवाई की गई। आगे अन्य संस्थानों पर भी नजर है, जहां टैक्स चोरी की जा रही है।
विजय मोहन जैन, आयुक्त, सेंट्रल जीएसटी रोहतक