रोहतक। सीनियर प्रोफेसर और एचओडी ओरल रेडियोलॉजी पीजीआईडीएस डॉ. अंबिका ने अपने स्व. ससुर सुधीर कुमार निर्वाणी का शरीर मरणोपरांत एनाटॉमी विभाग में विद्यार्थियों की रिसर्च के लिए दान किया।
स्व. निरवानी के बेटे डॉ. गौरव दिल्ली में एनेस्थेटिस्ट हैं। डॉ. अंबिका ने बताया कि स्व. सुधीर कुमार निर्वाणी ने खुद 12 से 15 साल पहले देह दान की इच्छा जताई थी। तब वह कानपुर के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में काम करते थे।
निदेशक डॉ. एसके सिंघल ने परिवार को एक पौधा भेंट किया। उन्होंने कहा कि शरीर दान करना नेक काम है। शरीर दान से छात्रों को शोध कार्य में मदद मिलेगी और वे बेहतर डॉक्टर बन सकेंगे। इस दौरान डॉ. विवेक मलिक, डॉ. गोपाल, डॉ. विपिन, डॉ. संजय व अन्य उपस्थित रहे।