रोहतक। महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) में प्रोफेसरों की शाम 5:30 बजे से 7 बजे तक अलग-अलग 7 जोन में ड्यूटी लगाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कुछ शिक्षक प्रॉक्टोरियल ड्यूटी करते हुए दिखे तो (मडूटा) प्रधान ने इसका विरोध किया। एमडीयू के टीचर्स संगठन मडूटा ने इसे सिक्योरिटी गार्ड जैसा काम बताया है।
एमडीयू प्रशासन की तरफ से प्रॉक्टर ने पत्र जारी किया है जिसमें यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रोफेसरों और नॉन टीचिंग स्टाफ की प्रॉक्टोरियल ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
मडूटा का कहना है कि यह शिक्षकों को परेशान करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने प्रॉक्टर पर गलत ड्यूटी लगाने का आरोप लगाया है। मडूटा प्रधान विकास सिवाच ने कहा कि शिक्षकों के साथ गलत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिक्योरिटी का काम शिक्षकों का नहीं है।
विवि प्रशासन को सिक्योरिटी गार्ड की संख्या बढ़ानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले सुबह से लेकर शाम 5 बजे तक विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं। इसके बाद साढ़े 5 से 7 बजे तक सिक्योरिटी का काम कर रहे हैं। क्या शिक्षकों कोई और काम नहीं है, उनका निजी जीवन भी तो है।
इन जोन में लगाई ड्यूटी
प्रथम जोन में गेट नंबर एक से यज्ञशाला, छात्र गतिविधि केंद्र, जोन दो में यूनिवर्सिटी हाट व लड़कों का हॉस्टल, जोन तीन में यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स एरिया, खेल मैदान, डॉ. मंगल सेन जिम्नेजियम हॉल, स्वीमिंग पूल शामिल हैं। चौथे जोन में विवेकानंद लाइब्रेरी और जोन 5 में गेट नंबर दो से अभिलाषा गर्ल्स हॉस्टल, जोन 6 में यूनिवर्सिटी नॉन टीचिंग यूनियन ऑफिस से फैकल्टी हाउस, जोन 7 को यूनिवर्सिटी गेट नंबर 8 पीजीआई से अभिलाषा गर्ल्स हॉस्टल तक बांटा गया है। संवाद