शेखपुर तितरी महम में मंगलवार दोपहर को एक प्रॉपर्टी डीलर ने खुद को गोली से उड़ा लिया। मनोज कुमार (40) पानी देने के बहाने अपने खेत में गया और खेत में बने कमरे की छत पर चढ़कर माथे में गोली मार ली। मृतक के पास से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। पिता के नाम छोड़े सुसाइड नोट में मनोज कुमार ने मौत के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है। लिखा है कि माफ करना मैं अपने मां-बाप का अच्छा बेटा और पत्नी के लिए अच्छा पति नहीं बन सका। उसने पूरे परिवार से माफी भी मांगी है। पुलिस ने मौके पर जांच कर शव पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई भिजवा दिया। शुरुआती जांच के बाद पुलिस कारणों को लेकर मौन है। हालांकि सूत्रों की मानें तो मनोज ने प्रदेश के कई जिलों में प्रॉपर्टी खरीदी थी। अब प्रॉपर्टी के रेट गिरने के कारण वह कर्ज में डूब गया था। इसी कारण उसने यह कदम उठाया। हालांकि पुलिस अभी सभी कोणों से जांच की बात कह रही है। मनोज अपने किसान पिता बलराज का इकलौता बेटा था। मनोज ने अपने लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मारी।
ये लिखा है सुसाइड नोट में
महम थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक के शव की छानबीन के दौरान उसके पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। सुसाइड नोट में मनोज कुमार ने अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेदार माना है। लिखा है कि पापा-मां मैं आपका अच्छा बेटा नहीं बना सका। एक पत्नी के लिए भी अच्छा पति नहीं बन सका। इसलिए मैं जा रहा हूं। एसएचओ ने बताया कि सुसाइड नोट सहित अन्य सबूतों को जब्त कर लिया गया है। विस्तृत जांच के लिए एफएसएफ टीम को भी बुलाया गया। हालांकि अभी खुदकुशी के ठोस कारण सामने नहीं आ सके हैं।
कर्ज का बोझ बना कारण?
सूत्रों की मानें तो मनोज कुमार खेती बाड़ी करने के अलावा जमीन जायदाद की खरीद फरोख्त का काम करता था। गत समय में मनोज ने जमीन जायदाय की जमकर खरीदारी की। अब प्रदेश में जमीन के रेट गिर गए हैं। इससे मनोज पर कर्जे का बोझ बढ़ गया। बोझ कम करने के लिए मनोज कुमार ने जमीन बेची भी, लेकिन कर्ज से मुक्ति नहीं मिली। कर्ज से मुक्ति नहीं मिलने की वजह से उसने आत्मघाती कदम उठाया है। हांलाकि पुलिस कर्ज के बोझ में आत्महत्या करने की बात से मना कर रही है।
बोहर गांव से आकर बसा था परिवार
मनोज का परिवार मूलरूप से बोहर गांव का रहने वाला है। मनोज कुमार के पिता ने शेखपुर तितरी में जमीन खरीद ली और यहां आकर खेती बाड़ी करने लगे। पारिवारिक सदस्यों की मानें तो मनोज अपने किसी प्रकार के कार्य या लेनदेन में परिजनों को कभी शामिल नहीं करता था। ना किसी लेनदेन या अन्य बात के बारे में उन्हें बताता। मनोज की आत्महत्या से परिवार टूट गया है।
18 साल पहले शादी, ढाई साल पहले बना बच्ची का बाप
परिजनों ने बताया कि मनोज की 1998 में मदनहेड़ी (हिसार) में शादी की गई थी। लेकिन काफी समय तक कोई बच्चा नहीं हुआ। मनोज ढाई साल पहले एक बच्ची का बाप बना था। अब परिवार की खुशियों को किसी की नजर लग गई।
फोटो सहित। शेखुपर तितरी में हुए मामले में जांच करते पुलिस अधिकारी।