जींद। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत सितंबर में जिले के दस बच्चों की विभिन्न अस्पतालों में सफल सर्जरी करवाई गई। इनमें नौ बच्चे जन्मजात हृदय रोग (दिल में छेद) से पीड़ित थे, जबकि एक के तालू में जन्मजात कटाव था। राज्य सरकार की ओर से इलाज के लिए करीब सात लाख रुपये की सहायता दी गई।
सिविल सर्जन डॉ. सुमन कोहली ने बताया कि उप सिविल सर्जन डॉ. दिनेश गुप्ता के नेतृत्व में जिले में आरबीएसके की 12 टीमें बच्चों की स्क्रीनिंग कर रही हैं। चिन्हित बच्चों को संबंधित अस्पतालों में रेफर किया गया। दो-दो बच्चों की सर्जरी पीजीआईएमएस रोहतक, नारायणा अस्पताल गुरुग्राम और फोर्टिस अस्पताल में हुई, जबकि तीन की इंडस अस्पताल, डेराबस्सी में हुई। कार्यक्रम के तहत जन्मजात दोषों, बीमारियों, पोषण की कमी और विकास में देरी की समय पर पहचान कर उपचार उपलब्ध करवाया जाता है।