डहीना। श्री कृष्ण राजकीय महाविद्यालय कंवाली में हिंदी विभाग की ओर से फायर सेफ्टी पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों को अग्नि सुरक्षा के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यकारी प्राचार्य डॉक्टर कर्मवीर यादव ने डॉ. नरेंद्र का स्वागत किया। प्रशिक्षण में बताया गया कि दुर्घटना से बचने के लिए गैस सिलिंडर को हवादार स्थान पर रखना चाहिए। आधुनिक वास्तुकला में एलपीजी सिलिंडर को छुपा कर रखा जाता है जोकि बहुत ही खतरनाक है। रसोई घर में चूल्हा ऊपर व सिलिंडर का स्थान थोड़ा नीचे होना चाहिए क्योंकि गैस नीचे से ऊपर की ओर उठती है। गैस कम होने पर सिलिंडर को सीधा खड़ा न करके नीचे लेटा दिया जाता है या उल्टा कर दिया जाता है, यह दुर्घटना का एक कारण हो सकता है।
विज्ञापन
गैस लीकेज के दौरान किसी भी इलेक्ट्रिक आइटम को ऑन या ऑफ नहीं करना चाहिए। दुर्घटना से बचने के लिए रेगुलेटर की नॉब बंद कर दें और आसपास की सारी खिड़की दरवाजे खोल दें और यदि सिलेंडर में आग लग जाती है तो उस पर पानी न डालकर, गीले मोटे कपड़े से चूल्हे को ढक दें। चूल्हे की गैस पाइप व रेगुलेटर कंपनी के होने चाहिए। समय-समय पर चूल्हे, रेगुलेटर व पाइप की जांच करवाते रहना चाहिए। गैस दुर्घटना होने की स्थिति में आपातकालीन नंबर इंडियन गैस लाभार्थी 1906 पर संपर्क कर सकते हैं।
डॉ. निशा रानी व अनीता द्वारा व्याख्याता का आभार व्यक्त किया गया कि उन्होंने महाविद्यालय की छात्र एवं छात्राओं को इतनी महत्वपूर्ण और दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाली जानकारी दी। कार्यशाला के उपरांत डॉ. नरेंद्र ने स्वयं द्वारा ले गए ले गए जामुन के पौधे का रोपण कर पर्यावरण को स्वच्छ रखने का संदेश दिया।