रोहतक। रिठाल स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थी बुधवार सुबह क्लास छोड़कर सड़क पर उतर आए। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों ने कहा कि हड़ताल करना शौक नहीं बल्कि मजबूरी है।
धरने पर बैठी छात्राओं ने कहा कि जंतर मंतर पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ दिल्ली पुलिस ने आतंकवादियों जैसा व्यवहार किया है। उनका आरोप है कि पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे पर जवाब मांगने गए युवाओं पर लाठियां चलाई गईं।
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छात्रों ने कहा कि प्रजातंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार सबको है लेकिन सरकार इस आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। गांव रिठाल के पूर्व सरपंच व किसान मजदूर संगठन हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष उमेद सिंह ने कहा कि सरकार अपनी हठधर्मिता पर कायम है।
उमेद सिंह ने कहा कि दिल्ली के किसान घाट पर बुलाई गई महापंचायत से पहले पुलिस ने किसान नेताओं को घरों में ही हाउस अरेस्ट कर लिया। गांव के सरपंच मोहित ने कहा कि विद्यार्थियों की ओर से विद्यालय की समस्याओं व नीट मामले को लेकर प्रदर्शन किया गया था। विद्यालय प्रबंधन इस मामले पर चुप्पी साधे है। ग्रामीणों की ओर से बच्चों के उकसा कर प्रदर्शन करवाने पर सदर थाने में मामला दर्ज करवाया है।