उदयगिरी हॉस्टल में सुरक्षाकर्मी महावीर मंगलवार सुबह ड्यूटी पर
पहुंचा। हॉस्टल में घूमते समय उसे बाहर दीवार के नीचे एक छात्र खून से लथपथ
हालत में पड़ा दिखाई दिया। आनन-फानन में मौके पर अन्य छात्र भी पहुुंच गए
और छात्र को पीजीआई में दाखिल कराया। बताया जाता है कि छात्र टोहाना का
रहने वाला है, जो यूनिवर्सिटी में एमबीए सेकिंड ईयर में पढ़ाई कर रहा है।
हॉस्टल में रात को एक छात्र के जन्मदिन की पार्टी चल रही थी और जाम झलक रहे
थे। पार्टी के बाद ही छात्र कमरे की बालकनी से नीचे गिरा है, जिसका दूसरे
छात्रों का पता भी नहीं चला। दोपहर बाद छात्र के परिजन भी पीजीआई में पहुंच
गए। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि छात्र खुद गिरा या गिराया गया। न तो
हॉस्टल प्रबंधन ने और न ही परिजनों ने पुलिस में शिकायत देने की जरूरत
समझी।
हॉस्टल में कोई गिरे-मरे, प्रबंधन पर असर नहीं
हॉस्टल में हुई
इस घटना के बाद एक बार फिर नियमों को लेकर सवाल उठे हैं। बड़ा सवाल यह है
कि हॉस्टल में पार्टी की अनुमति किसने दी और यदि पार्टी थी तो भी अंदर शराब
कैसे पहुंची। अगर इसी तरह हॉस्टल में खुलेआम पार्टी का दौर चलने लगे तो
शिक्षा का स्तर क्या रहेगा और अन्य छात्रों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।
सूत्रों की मानें तो यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर हॉस्टल
के सुरक्षा कर्मियों को भी इस तरह के पार्टी की जानकारी रहती है, लेकिन रोक
लगाने की जहमत कोई नहीं उठाता। सवाल ये भी है कि क्या प्रबंधन ने छात्र के
गिरने के मामले की अपने स्तर पर जांच करेगा, क्या प्रबंधन को इस बारे में
पुलिस में शिकायत नहीं देनी चाहिए।
सुबह छात्र हॉस्टल से नीचे
गिरा हुआ मिला, जिसे पीजीआई में भर्ती कराया गया। वह हॉस्टल की छत से नीचे
कैसे गिरा इसकी जानकारी नहीं है और न ही हॉस्टल में पार्टी की जानकारी है।
- प्रो. अमर वर्मा, प्रोवेस्ट बॉयज हॉस्टल।