रोहतक। पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग ने अपील की है कि इन दिनों साइबर ठगी की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसका एक बड़ा कारण साफ्ट पासवर्ड बनाना है। ज्यादातर लोग जन्मतिथि और 1234 को ही पासवर्ड रखते हैं, जबकि साइबर अपराधी सबसे पहले इन्हीं को चेक करते हैं। उन्होंने कहा कि अपने जीमेल, ऑनलाइन नेट बैंकिंग और पेमेंट ट्रांसफर करने वाले एप का मजबूत पासवर्ड बनाएं।
उन्होंने कहा कि 50 फीसदी लोगों के साथ साफ्ट पासवर्ड और उनकी लापरवाही से ठगी हो रही है, जबकि 25 फीसदी को लालच देकर ठगा जा रहा है। कुछ दिन बाद पासवर्ड बदल देना चाहिए। एसपी ने बताया कि सबसे पहले ठग नाम, मोबाइल नंबर, जन्मदिन और 1234 इस तरह के पासवर्ड का प्रयोग करते हैं। गिरफ्तार होने के बाद कई ठगों से इस तरह की जानकारी मिली है, इसलिए पासवर्ड में इस तरह के शब्दों का चयन न करें।
मजबूत पासवर्ड कैसा होना चाहिए
जब भी कोई पासवर्ड बनाएं तो उसमें अपने नाम के बजाय कोई और अक्षर लिखें, उसके साथ अंकों का भी प्रयोग करें। इससे शायद पासवर्ड को याद करने में आपको परेशानी हो सकती है, लेकिन शब्दों और अंकों को एक साथ जोड़कर ही पासवर्ड बनाया जाना चाहिए।
फिशिंग घोटाले के तहत आता है साइबर अपराध
कोई व्यक्ति फर्जी क्रेडिट कार्ड या बीमा कंपनी प्रतिनिधि बनकर डराए, नुकसान होने का डर दिखाए, क्रेडिट कार्ड का बिल जमा न करने या इसी प्रक्रिया को न अपनाने पर पेनल्टी लग जाएगी। जब कोई व्यक्ति लिंक भेजकर उसे ओपन कराए या फिर ओटीपी भेजकर उसकी जानकारी लें, बैंक वेबसाइट के नकली संस्करण के लिंक के माध्यम से लॉगइन करने के लिए दबाव बनाते हो, ऐसे तरीके साइबर ठग अपनाते हैं।