रोहतक। सरकार का विश्वविद्यालयों को फंड न देकर अपने स्तर पर इसकी व्यवस्था करने के पत्र के बाद विरोध तेज हो गया है। महर्षि दयानदं विश्वविद्यालय (एमडीयू) शिक्षक संघ व गैर शिक्षक कर्मचारी संघ ने सोमवार को बैठक कर सरकार के इस फैसले के खिलाफ आंदोलन करने का निर्णय लिया है।
इसी कड़ी में 20 जून को एमडीयू में हड़ताल व सड़क पर प्रदर्शन के बाद उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस बैठक में ऑल हरियाणा यूनिवर्सिटीज के प्रधान व कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे। इसके बाद कर्मचारियों ने एमडीयू कुलपति प्रो. गुलशन तनेजा को अपना सौंपा।
कर्मचारियों ने अपनी बैठक में सरकार की ओर से 29 मई को जारी किए पत्र की निंदा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों को जारी पत्र में अपने खर्च स्वयं वहन करने और आय बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। इसके लिए विवि की जमीन व दुकानें किराए या पट्टे पर देने की बात कही गई है। सरकार विवि को किसी तरह की ग्रांट नहीं देगी। इससे शिक्षकों, गैर शिक्षक कर्मचारी व विद्यार्थियों में भारी रोष है।
सरकार के नुमाइंदाें का काले झंडे दिखाकर किया जाएगा बहिष्कार :
शिक्षक संघ के प्रधान डॉ. विकास सिवाच ने कहा कि यह शिक्षा के निजीकरण का कदम है। इससे आम परिवार के बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाएंगे। इसीलिए सभी ने मिलकर 20 जून को विवि में हड़ताल व उपायुक्त के जरिए ज्ञापन सौंपनेे का फैसला लिया है। इसके बाद प्रत्येक सप्ताह के पहले दिन पांचों प्रधानों की अध्यक्षता में गेट मीटिंग के माध्यम से सभी विवि में हड़ताल की जाएगी। गैर शिक्षक संघ के प्रधान जयबाग ने कहा कि सरकार का कोई भी नुमाइंदा विवि में आता है तो काले झंडे दिखाकर बहिष्कार किया जाएगा। सरकार का यह पत्र वापस नहीं लिए जाने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।