रोहतक। जिले के नागरिक अस्पताल में सोमवार को एंटी रेबीज वैक्सीन न मिलने पर करीब 20 मरीजों ने सुबह करीब 11 बजे जमकर हंगामा कर दिया। स्टाफ की तरफ से जब बार-बार ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड के बीच चक्कर कटवाए तो गर्मी में उनका धैर्य जवाब दे गया। मरीजों का कहना था कि उन्हें गली में कुत्तों ने काट लिया। यहां अस्पताल में डॉक्टरों ने इलाज के लिए चक्कर कटवाए।
मामला इतना बढ़ गया कि सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र अस्पताल पहुंचे और मरीजों की परेशानी सुनकर उन्हें किसी तरह शांत किया। आधे घंटे के बाद मामला शांत हुआ। सिविल सर्जन ने इमरजेंसी में ही मरीजों की लाइन बनवाकर इंजेक्शन लगवाए।
मरीजों को हुई असुविधा को लेकर सिविल सर्जन ने जिम्मेदार डॉक्टरों व स्टाफ को फटकार भी लगाई है। मरीजों का कहना था कि उनकी 100-100 रुपये की पर्ची पहले ही काट दी गई और वैक्सीन नहीं लगाई गई। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस दौरान डॉक्टरों और स्टाफ की अधूरी फाइल संबंधी लापरवाही भी सामने आई। मामला शांत कराने के बाद सिविल सर्जन ने लेबर रूम का निरीक्षण किया। फिर पीएमओ कमरे में अस्पताल प्रशासन के जिम्मेदारों से चर्चा की। सिविल सर्जन ने अस्पताल प्रशासन को मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सुबह गली में कुत्ते ने काट लिया था। इसके बाद इलाज के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचा। यहां आकर कार्ड बनवाया। उनकी 100 रुपये की पर्ची काट दी गई। पर्ची काटने के बाद इंजेक्शन के लिए इधर-उधर घुमाते रहे। ओपीडी से इमरजेंसी वार्ड तक तीन से चार चक्कर लगवाए। हद पार होने पर विरोध जताना पड़ा।
- जसवंत, गांव किलोई
यहां कुत्ता काटने पर भी जल्दी इलाज नहीं मिल पा रहा है। स्टाफ इधर से उधर घुमा रहा है। मरीजों की लंबी लाइन लगी है लेकिन स्टाफ सुनवाई नहीं कर रहा। इमरजेंसी वार्ड का स्टाफ बोलता है ओपीडी में वैक्सीन लगेगी। वहां जाने पर दोबारा इमरजेंसी में भेज दिया। यह कैसी उपचार व्यवस्था है।
- विजेंद्र, गांव खिड़वाली
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इमरजेंसी वार्ड और ओपीडी स्टाफ के इधर-उधर घुमाने की बात इंचार्ज को भी बताई। इसके बाद उन्होंने इमरजेंसी स्टाफ को तुरंत वैक्सीन लगाने के आदेश दिए लेकिन स्टाफ ने उनकी बातें भी नहीं मानीं, फिर ओपीडी में जाने के लिए बोल दिया। यहां मरीजों के इलाज के बजाय एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोपते रहे। डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं लेकिन यहां कुछ और ही देखने को मिल रहा है।
- हर्ष, गांव जसिया
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डॉक्टर अधूरी फाइल बनाकर इमरजेंसी भेज रहे थे
सिविल सर्जन ने जब अस्पताल के जिम्मेदारों से समस्या जानने का प्रयास किया तो सामने आया कि सरकार के नियमों के मुताबिक डॉक्टर पूरी फाइल बनाकर मरीजों को इमरजेंसी वार्ड नहीं भेज रहे थे। इस पर उन्होंने मेडिसिन के डॉ. पवन गोयल को फटकार लगाते हुए जवाब-तलब किया और पूरी जानकारी के साथ फाइल भेजने के निर्देश दिए।
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वर्जन
अस्पताल प्रशासन को मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जानकारी मिलते ही अस्पताल पहुंचा और मरीजों एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई। अधूरी फाइलें भेजी जा रही थीं। इन्हें सरकारी नियमों के अनुरूप फाइल बनाकर भेजने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए अधिकारियों को फटकार भी लगाई है।
- डॉ. रमेश चंद्र आर्य, सिविल सर्जन, रोहतक
21-रोहतक के नागरिक अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र आर्य को कार्ड दिखाकर एंटी रेबीज वैक्स
21-रोहतक के नागरिक अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र आर्य को कार्ड दिखाकर एंटी रेबीज वैक्स
21-रोहतक के नागरिक अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र आर्य को कार्ड दिखाकर एंटी रेबीज वैक्स
21-रोहतक के नागरिक अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र आर्य को कार्ड दिखाकर एंटी रेबीज वैक्स