कुलाधिपति डॉक्टर अंजना राव
- फोटो : अमर उजाला
बचपन से ही था मंदिर व गुरुओं के पास जाने का शौक
कुलाधिपति डॉक्टर अंजना राव ने बताया कि महंत बालकनाथ के पिता किसान हैं। वे दो भाई हैं, महंत बालकनाथ बड़े हैं। बचपन से ही उनको मंदिर व गुरुओं के पास जाने का शौक रहा है। छह साल की उम्र में महंत बालकनाथ अपने गुरु महंत चांदनाथ के पास आ गए थे। महंत चांदनाथ जब बीमार थे, उनकी देखभाल महंत बालकनाथ ने ही की थी।
हर रोज रात ढाई बजे करते हैं आरती
उनको आध्यात्मिक, शैक्षणिक व सामाजिक जीवन में तालमेल बनाकर चलना होता है। हर रोज रात ढ़ाई बजे से मठ में आरती शुरू हो जाती है। रात को चाहे महंत बालकनाथ कितनी भी देरी से आए हो, लेकिन समय पर उठकर आरती करते हैं। इसके बाद विवि के कामकाज का ब्यौरा लेते हैं। साथ ही साधु संतों के साथ मिलने के साथ-साथ आम लोगों के बीच रहते हैं। चलते-चलते चटनी-रोटी तक खा लेते हैं। उन्होंने बताया कि महंत बालकनाथ अभी राजस्थान सरकार के गठन में व्यस्त हैं। समय मिलते ही मठ आएंगे।
मठ में आ चुके हैं अमित शाह से लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत
मस्तनाथ मठ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत तक आ चुके हैं। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो लगातार आते रहे हैं। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, बाबा रामदेव, जूना अखाड़े के पीठाधीश्वर आचार्य अवधेशानंद संत समाज के लोग अक्तूबर माह में मठ में आए थे।