विवादों में रहने वाली स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफार्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स में एक बार फिर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई है। अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को छात्रों ने यूनिवर्सिटी के मेन गेट पर ताला जड़ दिया। सुबह से लेकर शाम तक कई बार प्रबंधन ने छात्रों के साथ वार्ता कर समाधान का प्रयास किया। छात्रों ने वीसी को ऑडिटोरियम में बंधक तक बना दिया। देर रात तीन दिन में समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन छात्र उस पर भी नहीं माने।
यूं तो पिछले कई दिनों से अंदर ही अंदर छात्रों में विरोध के स्वर फूट रहे थे, लेकिन सोमवार सुबह छात्रों का गुस्सा इस कदर फूट पड़ा कि उन्होंने सबसे पहले यूनिवर्सिटी के मेन गेट पर तालाबंदी कर दी और हड़ताल पर बैठ गए। छात्रों का आरोप था कि यूनिवर्सिटी प्रशासन के कारण उनका भविष्य अधर में लटका है।
वार्षिक टूर के नाम पर प्रवेश के समय पांच-पांच हजार रुपये ले लिए गए, लेकिन अभी तक टूर नहीं गया। इसके अलावा भी कई समस्याएं हैं, जिनका समाधान नहीं हो रहा। आरोप लगाया कि वह कई दिनों से वीसी से मिलना चाह रहे थे, लेकिन वीसी छात्रों से मिलने को तैयार नहीं थे। हड़ताल शुरू होने के कुछ देर बाद वीसी अश्वनी सभरवाल यूनिवर्सिटी पहुंचे। छात्रों ने उन्हें गेट के बाहर ही रोक दिया। काफी देर तक वहां पर छात्रों और वीसी के बीच तल्ख बातचीत होती रही।
छात्र अनिल शर्मा, केशव, गिरीश और आदित्य ने आरोप लगाया कि वीसी के साथ आए प्राइवेट सिक्योरिटी कर्मियों ने उनके बैनर फाड़ने का प्रयास किया, जो गलत है। इसके बाद दोपहर को भी प्रबंधन ने छात्रों से बातचीत कर मामले में सुलह की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। देर रात वीसी ने छात्रों को फिर से वार्ता के लिए बुलाया। काफी देर रात बातचीत के बाद भी मामले का हल नहीं हुआ, जिस पर वीसी बीच में उठकर जाने लगे। इस पर छात्रों ने उन्हें ऑडिटोरियम में रोक लिया और बाहर नहीं निकलने दिया। हालांकि किसी तरह अन्य स्टाफ ने वीसी को बाहर निकाला। आखिर में छात्रों की मांगों को लिखित में मांगा गया और समाधान के लिए तीन दिन का समय दिया गया, लेकिन देर रात तक छात्रों की हड़ताल जारी थी।
ये भी हैं छात्रों की मांगें
- यूनिवर्सिटी में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित हो रही है, नियुक्त करवाई जाए।
- विद्यार्थियों को डीएमसी लेने के लिए भी कोर्ट में धक्के खाने पड़ रहे हैं।
- संस्थान में जो सुविधाएं हैं उन्हें भी बंद किया जा रहा है।
- फिल्म एंड टीवी डिपार्टमेंट में इस सत्र में प्रवेश ही बंद कर दिए गए।
- वीसी छात्रों की समस्याएं सुनने को तैयार नहीं हैं, अभद्र व्यवहार करते हैं।
यूनिवर्सिटी में पहले भी कई बार हो चुकी है हड़ताल
यूनिवर्सिटी प्रबंधन के खिलाफ पहली बार छात्र हड़ताल पर नहीं गए हैं। इसी साल जनवरी में लगभग एक सप्ताह तक हड़ताल रही। वहीं, पिछले वर्ष अक्तूबर में फैकल्टी केशव कुमार के मामले को लेकर भी दो सप्ताह से ज्यादा समय तक यूनिवर्सिटी में हड़ताल रही थी। इसके अलावा भी यूनिवर्सिटी में कई बार हड़ताल हो चुकी है और विरोध-प्रदर्शन तो यहां आम हैं। हर दिन किसी न किसी बात को लेकर विरोध और प्रदर्शन होते रहते हैं। यूनिवर्सिटी का माहौल इससे अधिक क्या खराब होगा कि यहां के कई मामले पुलिस तक भी पहुंच चुके हैं।
छात्रों से उनकी मांगों को लेकर लिखित में मांगा गया है। तीन दिन के अंदर जो भी मांग यूनिवर्सिटी स्तर की होगी उसका समाधान करा दिया जाएगा। छात्रों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
- अश्वनी सभरवाल, वीसी, स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफार्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स।