50वीं स्टेट स्कूल स्पोर्ट्स चैंपियनशिप शुरू होने से पहले ही बुधवार रात
खिलाड़ियों के साथ खिलवाड़ सामने आया। खेल विभाग और जिला प्रशासन की
अव्यवस्थाओं के चलते खिलाड़ियों को रात भर ठंड की वजह से ठिठुरना पड़ा।
हालात ये थे कि शहर के विभिन्न स्कूलों में ठहरे प्रदेश भर के खिलाड़ियों
के लिए ओढ़ने और बिछाने तक की व्यवस्था न थी। अचानक बढ़ी सर्द हवाओं ने
खिलाड़ियों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया, बावजूद खेल अधिकारियों और आयोजकों
को उनकी ठिठुरन नहीं दिखाई दी।
महज दरी ही मुहैया कराया
बृहस्पतिवार
से शुरू हो रही 50वीं हरियाणा स्टेट स्कूल स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में शामिल
होने के लिए प्रदेश भर से करीब साढ़े चार हजार खिलाड़ी शहर में आए हैं।
विभाग ने इन खिलाड़ियों को ठहराने के लिए विभिन्न स्कूलों में इंतजाम किया
है। हालांकि इंतजाम के नाम पर महज दरी ही मुहैया कराई गई है।
इधर बुधवार को
बारिश होने और ठंड बढ़ जाने से इन खिलाड़ियों की भी मुश्किलें बढ़ गई। ऐसे
में देर रात अमर उजाला टीम स्कूलों में विभाग की हकीकत जानने पहुंची।
विभाग की अव्यवस्थाओं को देखकर टीम दंग रह गई। ये हालात एक दो स्कूलों में
नहीं बल्कि खिलाड़ियों के ठहराव वाले ज्यादातर स्कूलों में ऐसी अव्यवस्था
देखने को मिली।
रावमावि बाल भवन: कैथल से आए खिलाड़ियों को ठहराया
गया है। ठंड से बचने के लिए खिलाड़ियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई थी।
कुछ के पास खुद का शॉल था तो कुछ रात भर ठिठुरते रहे।
सैनी ब्वॉयज
स्कूल : यहां यमुनानगर के खिलाड़ियों को ठहराया गया है। यमुनानगर की एक
स्कूल की टीम के साथ आए इंचार्ज राजेंद्र सिंह ने कहा कि विभाग को अपने
स्तर पर ही कम से कम ओढ़ने के लिए कंबल का इंतजाम तो करना ही चाहिए था।