खिलाड़ियों के खेल और पढ़ाई का खर्च उठाएंगे अंतरराष्ट्रीय पहलवान
- फोटो : amar ujala
पहलवान और अभिनेता संग्राम सिंह ने अपने पैतृक गांव मदीना के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले सात लड़कों और 14 लड़कियों को गोद लिया। इसमें उन्होंने उनके खेलों में प्रशिक्षण देने और उनकी पूरी शिक्षा पर आने वाले खर्च को वहन करने की बात कही। इस दौरान सरपंच और ग्रामीणों की ओर से अंतरराष्ट्रीय पहलवान और अभिनेता को मदीना रत्न से सम्मानित किया गया।
संग्राम सिंह ने कहा कि ग्रामीण अंचल में अपार संभावनाएं हैं। इसलिए समर्थ लोगों को ग्रामीण युवाओं को आगे लाने के लिए और उन्हें निरंतर प्रेरित करने के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि खेल क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। खेलों का व्यवसायीकरण होने से खिलाड़ियों के लिए आगे बढ़ने के अवसर बढ़े हैं। इस दौरान पंचायत की ओर से लड़कियों की कबड्डी टीम व लड़कों की हाकी टीम को 21-21 हजार रुपये पुरस्कार के रुप में दिए गए। कार्यक्रम के दौरान सरपंच कर्ण सिंह फौजी व सरपंच प्रतिनिधि राजा शर्मा ने कहा कि पंचायत प्रदेश सरकार की बेटी बचाओ, बेटी बचाओ मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। गांव की बेटियों के लिए पंचायत हर संभव सहयोग करने के लिए हमेशा तत्पर रहेगी। इस मौके पर खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी संजीत गिल, डॉ. सोमवीर, रवि हुड्डा, किशन लाल और आनंद शर्मा सहित ग्राम पंच भी मौजूद रहे।
बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए मिलनी चाहिए सहायता
पहलवान और अभिनेता संग्राम सिंह ने कहा कि जैसे एक पौधे को पेड़ बनने के लिए खाद और पानी के साथ विशेष देखभाल की भी जरूरत होती है, वैसे ही एक प्रतिभावान खिलाड़ी को भी जरूरतें पूरी करने के लिए मदद की दरकार होती है। इसलिए जिनके पास सामर्थ्य है, उन्हें चाहिए कि ऐसे प्रतिभावान खिलाड़ियों की मदद करें। इससे देश और गांव का नाम रोशन होगा। तब व्यक्ति को सच्ची खुशी होगी। इसलिए अभी शुरूआत में इतने बच्चों को गोद लिया है। आगे जरूरत पड़ने पर और अधिक बच्चों को गोद लिया जाएगा और यदि मेरे पास कोई अप्रोच करता है तो उसकी हर संभव मदद की जाएगी।