विजेंद्र कौशिक
रोहतक। जिला उपभोक्ता आयोग ने फैसला दिया है कि स्वास्थ्य बीमा कंपनी बाइक से गिरकर घायल हुए बाबरा मोहल्ला निवासी नवीन गुप्ता को उपचार पर खर्च हुए 3 लाख 50 हजार 442 रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित एक माह के अंदर दे। साथ ही, 5 हजार रुपये सेवाओं में कमी तो 5 हजार रुपये कानूनी खर्च के तौर पर भी दिए जाएं। आयोग के चेयरमैन नागेंद्र कादयान ने फैसले में कहा है कि बीमा कंपनी यह साबित करने में नाकाम रही कि शिकायतकर्ता को रीढ़ की हड्डी में पहले से दर्द था।
आयोग के रिकाॅर्ड के मुताबिक, याचिकाकर्ता नवीन गुप्ता ने मार्च 2019 में शिकायत दी थी कि उसने 2017 में परिवार की स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी करवाई थी। इसमें उनके अलावा पत्नी अंजूबाला गुप्ता, बेटा अंश व सकाम भी शामिल हैं। उसने लगातार बीमा पॉलिसी का नवीनीकरण करवाया। सितंबर 2018 को वह बाइक पर जा रहा था। टायर फिसलने से बाइक पर गिर गया और उसकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया। उसके उपचार पर साढ़े तीन लाख से ज्यादा पैसे खर्च हुए, लेकिन बीमा कंपनी ने उपचार खर्च देने से इन्कार कर दिया।
आयोग के नोटिस पर बीमा कंपनी ने जवाब दिया कि शिकायतकर्ता आवश्यक दस्तावेज जैसे डिस्चार्ज सारांश, जांच रिपोर्ट, अस्पताल के बिल, भुगतान रसीदें व मेडिकल बिल प्रस्तुत करने में विफल रहा। साथ ही, 40 से 50 साल की आयु में रीढ़ की हड्डी में घिसाव प्राकृतिक प्रक्रिया है। इसके लिए याचिका खारिज की जाए।
दूसरी तरफ याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि उसे दर्द बाइक से गिरने के बाद हुआ है। एमआरआई जांच में रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर पाया गया। बाइक से गिरने से पहले कभी दर्द महसूस नहीं हुआ। आयोग ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद पाया कि बीमा कंपनी यह साबित नहीं कर सकी कि याचिकाकर्ता को पहले से रीढ़ की हड्डी में दर्द था। ऐसे में शिकायत को गलत तरीके से खारिज किया गया है।