साल्हावास (झज्जर)। तकनीकी युग में झज्जर के किसान के बेटे कार्तिक छाए हुए हैं। उन्होंने छोटी सी उम्र में ही कई रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करा लिए हैं। कार्तिक के परिजनों ने बताया कि जिस मोबाइल को देखकर कार्तिक ये सब सीखता था, उस मोबाइल की स्क्रीन भी टूटी हुई थी।
झांसवा के किसान अजीत सिंह व सुशीला के 15 साल के बेटे कार्तिक जाखड़ राजकीय मॉडल संस्कृत स्कूल लड़ायन के कक्षा दसवीं के छात्र होने के साथ-साथ अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से ऑनलाइन पढ़ाई कर कंप्यूटर साइंस के थर्ड ईयर में पढ़ रहे हैं। छोटी सी उम्र में उपलब्धियों को देखते हुए केंद्रीय बाल पुरस्कार के लिए केंद्रीय स्टील मंत्री जयंत चौधरी व हरियाणा में बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ अनुशंसा की है। दिसंबर माह में प्रधानमंत्री बाल पुरस्कार के लिए घोषणा होती है और जनवरी माह में सम्मानित किया जाता है।
कार्तिक जाखड़ ने सैम अल्टमन की चुनौती को स्वीकार करते हुए भारतीय चैट जीपीटी का लोकार्पण 21 सितंबर 2023 को किया था। इसका नाम रघुराई बोट रखा है। यह चैट बोर्ड 67 भाषाओं में काम करता है। यह ऑटो अपडेटेड जानकारी के साथ है। उनका दावा है कि चैट जीपीटी में यह फीचर नहीं है। उनके पास सितंबर 2021 तक की जानकारी है जबकि रघुराई बोट को सर्च इंजन गूगल, याहू में उपयोग किया जा सकता है।
उन्होंने यह भारतीय चैट जीपीटी केवल एक महीने में तैयार किया था। इससे पहले मां सुशीला के अनपढ़ होने के कारण कार्तिक जाखड़ ने उनके लिए श्री कुंज अखबार बनाया, जो एक तरह से बोलने वाला अखबार है। यह सभी खबरों को पढ़कर सुनाता है। इसके अलावा तीन मोबाइल एप बनाए थे।
सबसे कम उम्र के हैं एप डेवलपर
परिजनों ने बताया कि कार्तिक ने एक एप सामान्य ज्ञान विषय से संबंधित बनाया है। लुसेंट जीके ऑनलाइन नाम से इसे बनाया गया है। दूसरा एप में कोडिंग और ग्राफिक्स डिजाइनिंग की शिक्षा दी जाती है और तीसरा एप डिजिटल एजुकेशन से संबंधित है। परिवार का दावा है कि कार्तिक की इस उपलब्धि पर उसका नाम गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। उसने केवल मोबाइल पर वीडियो देखकर वहां से सीखकर ये तीनों एप बनाए हैं।
आपदा को अवसर में बदला
कोरोना काल को अवसर में बदलकर कार्तिक ने ऑनलाइन क्लास लेते हुए यह एप बनाए। कार्तिक ने यूट्यूब पर कोडिंग एप सीखे। कार्तिक के पिता अजीत सिंह खेतीबाड़ी करते हैं। वे केवल दसवीं कक्षा तक पढ़े हुए हैं, जबकि उनकी मां सुशील अनपढ़ है। 12 साल की उम्र में कार्तिक दो किताबें भी लिख चुके थे। उनकी पहली किताब का नाम है कोडिंग, जो उन्होंने 2021 में लिखी है जबकि दूसरी किताब का नाम है द ग्राफिक डिजाइन है। उन्होंने इसे डिजाइन भी खुद ही किया है ।
कार्तिक जाखड़ को मिल चुके हैं कई पुरस्कार
कार्तिक को कई पुरस्कार मिल चुके हैं। इनमें चाइल्ड पॉडिजी ओमजी बुक ऑफ रिकॉर्ड शामिल हैं। पांचवीं कक्षा में वृक्ष मैथ के विजेता भी रहे।कार्तिक प्रवेश परीक्षा में पास होकर अमेरिका की यूनिवर्सिटी में बीएससी इन कंप्यूटर साइंस की डिग्री के लिए पढ़ाई कर रहे हैं। कार्तिक के पिता ने बताया कि प्रदेश के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला सम्मानित कर चुके हैं। तत्कालीन कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल व तत्कालीन शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर भी कार्तिक जाखड़ को जटेला धाम दुबलधन माजरा में सम्मानित कर चुके हैं।
13jjrp05- साल्हावास। खुद द्वारा तैयार किए गए श्री कुंज अखबार को देखता कार्तिक। स्त्रोत- स्वयं